टाटा मोटर्स प्रबंधन ने बताया की 2017 में यह स्कीम लाई गई थी परंतु अभी बोर्ड की अप्रूवल नहीं मिलने के कारण वीआरएस का पैकेज नहीं दिया जा रहा है .हालांकि अगर भविष्य में ऐसी कोई योजना लागू की जाएगी तो इसकी जानकारी कर्मचारियों को अवश्य दी जाएगी .

बता दें कि कर्मचारियों के बीच में यह चर्चा है कि आने वाले समय में जमशेदपुर ,लखनऊ प्लांट में वीआरएस की स्कीम मिलने वाली है .बताया जा रहा है कि 16 सौ कर्मचारियों को बीआरएस देने की तैयारियां चल रही है इस वजह से शुक्रवार को कंपनी और यूनियन कर्मचारियों के बीच यह बात चर्चा का विषय बनी रही .मंदी के कारण टाटा मोटर्स अपने उत्पाद की बिक्री बढ़ाने और बेहतर करने के साथ-साथ खर्च को कम करने की रणनीति अपना रही है मंदी का सबसे अधिक असर बायसिक्स कर्मचारियों पर पड़ा है क्योंकि उन्हें कंपनी में नियमित काम नहीं मिल पा रहा है.मंदी की स्थिति अगर ऐसी ही बनी रही तो इसका स्थायीकरण का मामला भी अटक सकता है.