जमशेदपुर के तीनों सीट को लेकर इस समय भारतीय जनता पार्टी मंथन कर रही है एक और सरयू राय को टिकट नहीं देने से वह स्वयं मुख्यमंत्री के विरुद्ध चुनाव में खड़े हैं तो वहीं दूसरी और जमशेदपुर पश्चिमी में भी भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को खासी टक्कर टक्कर कांग्रेस के बन्ना गुप्ता से मिल रही है

ऐसे में क्या बीजेपी जमशेदपुर के तीनों सीट को लेकर उतना आशान्वित नहीं है जितना कि वह पहले हुआ करती थी खासकर मुख्यमंत्री की सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गया है जहां एक और निर्दलीय उम्मीदवार सरयू राय छोटे-छोटे सभा के माध्यम से लोगों का जीत रहे हैं दिल तो दूसरी और भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक को मैदान में उतार रही है यही इस बात का भी संकेत है कि बीजेपी ने क्या सरयू राय का टिकट काटकर स्वयं अपने पैर में कुल्हाड़ी मार ली क्योंकि इस समय अगर जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा में उलटफेर हो जाता है तो झारखंड की पूरी राजनीति भी पलट जाएगी

वहीं दूसरी और आजसू अलग से चुनाव लड़कर बीजेपी को पूरे झारखंड में टक्कर दे रही है और यही कारण है कि अमित शाह पिछले दिनों रैली में कह चुके हैं कि आज उनका पुराना गठबंधन है चुनाव के नतीजे और भी जाएं यहां मतदाता इस समय जमशेदपुर पूर्वी जिसमें बीजेपी से स्वयं मुख्यमंत्री रघुवर दास निर्दलीय उम्मीदवार कांग्रेस के गौरव वल्लभ के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है लेकिन लोग इस समय दबी जुबान से कह रहे हैं कि बड़ा उलटफेर होगा