प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन की मंजूरी दी गई है , साथ ही रेलवे में मौजूद सभी कैडर का विलय करके एक नए कैडर बनाने की मंजूरी भी दे दी गई है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल बताया कि रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन एक ऐतिहासिक फैसला है । उन्होंने यह भी बताया कि यातायात , ट्रेक्शन, इंजीनियरिंग , रोलिंग स्टॉक के लिए सदस्यों की जगह नवगठित रेलवे बोर्ड में परिचालन, व्यवसाय विकास, अवसंरचना ,मानव संसाधन और वित्त कार्यों के लिए सदस्य होंगे।

इन्हें एक केंद्रीय सेवा भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा आईआरएमएस के दायरे में लाया जाएगा। भारतीय रेलवे पर बनी विवेक देबराय समिति ने 2015 में सौंपी रिपोर्ट में रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन की सिफारिश की थी। रेलवे बोर्ड का नेतृत्व रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष 4 सदस्य एवं कुछ अन्य स्वतंत्र सदस्य होंगे।

गोयल ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए रेलवे अब निजी क्षेत्र के साथ भी भागीदारी कर रही है । जिससे तेजस एक्सप्रेस के बाद रेलवे अभी 150 रूट पर निजी ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। आईआरसीटीसी ने चाहे वह खाने के कीमतों में बदलाव किया है।
