केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपडेट करने एवं भारत में 2021 की जनगणना की मंजूरी दे दी है । बता दें कि एनपीआर के तहत देशभर के नागरिकों का डाटा तैयार किया जाएगा इससे नागरिक सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनगणना 2021 की प्रक्रिया के लिए एक 8,754.23 करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी दे दी गई है। एनपीआर को अपडेट करने के लिए 3,941.35 करोड रुपए की स्वीकृति भी दी गई है ।

बता दे कि एनपीआर अपडेट करने का काम अगले साल अप्रैल-सितंबर तक चलेगा । साथ ही साथ सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एनपीआर का एनआरसी से कोई भी संबंध नहीं है । केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल एनपीआर के लिए सरकार लोगों से कोई दस्तावेज या डाटा नहीं मांगेगी, केवल व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को ही प्रमाण माना जाएगा ।

जनगणना के लिए एक मोबाइल एप बनाया गया है इसे गांव, जिला,राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा । इस डाटा में व्यक्ति का नाम , पता ,शिक्षा जैसी सूचनाएं दर्ज होंगे । जो राष्ट्र सुरक्षा को मजबूत करेगा इससे सरकार रोजगार , वृद्धा पेंशन, स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में भी डाटा प्राप्त कर सकेगी।