दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा एक एनजीओ ने देवली गाँव और मालवीय नगर स्थित संपत्तियों के पंजीकरण संबंधी मामले में इजाजत नहीं दी है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि यह जनहित याचिका नहीं है या ब्लैक मेलिंग याचिका है इसलिए दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा यह याचिका को खारिज कर दिया गया है एवं याचिकाकर्ताओं पर 10000 का जुर्माना भी लगाया गया है साथ ही साथ उच्च न्यायालय ने इसे कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल ने कहा कि संपत्तियों के मालिक या उसे हस्तांतरित करने वाले लोग याचिका में शामिल नहीं हुए हैं इसलिए उच्च न्यायालय ने गैर सरकारी संगठन करप्शन अगेंस्ट सोसायटी की जनहित याचिका खारिज कर दी है ।