आईसीआईसीआई बैंक ने एलएएस लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी (LAS) वाले ग्राहकों के लिए लांच किया नया डेबिट कार्ड

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आईसीआईसीआई बैंक ने एलएएस लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी (LAS) वाले ग्राहकों के लिए नया डेबिट कार्ड लांच किया है जिसमे यदि अकाउंट होल्डर के पास पैसे नहीं होते हैं तो वे तीन लाख तक का लेन देन कर सकते हैं और बाद में इसे चुका सकते हैं और यह सुविधा लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी लेने वाले ग्राहकों के लिए की गई है। यदि कोई ग्राहक बैंक द्वारा एलएएस का लाभ उठाना चाहता है तो उसे यह बैंक विजा डेबिट कार्ड ऑफर कर रही है और यह देश का पहला ऐसा बैंक है जो ग्राहकों को सुविधा प्रदान कर रहा है जब ग्राहक एक वक्त में आरबीआई ( रिजर्व बैंक आफ इंडिया) के ओवरड्राफ्ट सुविधा ले रहे थे तो उसके बाद इस बैंक ने अपने ग्राहकों को इलेक्ट्रॉनिक कार्ड जारी करने अनुमति देने के बाद यह सुविधा प्रदान की। यह सुविधा पर्सनल लोन की तरह ही होती है। ओवरड्राफ्ट भी एक तरह का लोन होता है जो लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी कहलाता है और इस कार्ड के माध्यम से ग्राहक ई-कॉमर्स पोर्टल पर भुगतान कर सकेंगे। इस कार्ड के माध्यम से वे ऑनलाइन शॉपिंग के साथ ही दुकान से खरीदे गए सामान पर भी उन्हें पॉइंट मिलेगा जैसे पॉइंट ऑफ सेल( पीओएस) पर भुगतान कर सकेंगे और इस नई आवश्यकता को पूरा करने के लिए आसानी से उपयोग करने में कैशलेस ट्रांजैक्शन करने में मदद मिलेगी।यह ओवरड्राफ्ट सुविधा को अधिक डिजिटल बनाया जाएगा। इससे सभी ग्राहकों को भुगतान करने का नया अनुभव मिलेगा बैंक एक दिन के अंदर ही अपने ग्राहकों को एक डिजिटल कार्ड प्रदान करेगी जो आई मोबाइल ऐप्प पर उपलब्ध होगा। यह डेबिट कार्ड लोन अगेंस्ट सिक्योरिटी अकाउंट के रिन्यू होने पर ऑटोमेटिक रिन्यू हो जाता है। जिसके जरिए ग्राहक (LAS) बैलेंस का उपयोग कर सकेंगे।


आईसीआईसीआई बैंक भारत की सबसे मुख्य बैंक एवं वित्तीय सेवा संस्थान है जो अपने ग्राहकों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करती हैं यह भारत के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी बैंक है ।इस बैंक की भारत में 2883 शाखाएं हैं और 10021 एटीएम है इसकी शाखाएं दूसरे देशों में भी मौजूद है इसकी स्थापना 5 जनवरी 1994 को 26 वर्ष पहले हुई थी ।इसका मुख्यालय मुंबई महाराष्ट्र में है यह खुदरा बैंकिंग, कॉरपोरेट बैंकिंग ,निवेश बैंकिंग, गिरवी लोन, निजी बैंकिंग और धन प्रबंधन क्रेडिट कार्ड और वित्तीय सेवाएं ग्राहकों को उपलब्ध कराती है और इसके वेबसाइट का नाम है ट्रिपल डब्ल्यू डॉट आईसीआईसीआई बैंक डॉट कॉम। यह बैंक कॉरपोरेट तथा रिटेल ग्राहकों को कई प्रकार की सेवा चैनल तथा निवेश बैंकिंग, जीवन और साधारण बीमा ,वेंचर कैपिटल तथा एसेट (जैसे की हाउस और प्रॉपर्टी) प्रबंधन के क्षेत्र में अपने सहायक संस्थाओं के माध्यम से कई तरह की बैंकिंग उत्पाद और वित्तीय सेवाएं देता है इस वक्त अभी बैंक की सहायक संस्थाएं यूनाइटेड किंगडम रूस, तथा कनाडा में शाखाएं यूनाइटेड स्टेटस, सिंगापुर, बहरीन ,हॉन्ग कोंग श्रीलंका ,कतार ,दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर में प्रतिनिधि कार्यालय यूनाइटेड अरब, एमिरेट्स , चीन ,दक्षिण अफ्रीका बांग्ला देश थाईलैंड ,एशिया ,मलेशिया तथा इंडोनेशिया में है इस बैंक का संगठन संचालक मंडल द्वारा किया जाता है ।और इस वक्त के बारे में कहा जाए तो वर्तमान में इस बैंक के चौदह संचालक है और यदि हम अगर नियुक्ति प्रक्रिया के बारे में कहे तो इस बैंक की एक संचालक की नियुक्ति केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय द्वारा की जाती है। इस बैंक कि वर्तमान में अधिकांश अंशपूंजी सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों, जैसे- बैंक, जीवन बीमा निगम, सामान्य बीमा निगम ,और उसकी समानुषंगी कंपनियों ने धारण कर रखी है। भारतीय जीवन बीमा निगम इस संस्था का सबसे बड़ा अंतर धारी है निगम देश के औद्योगिक विकास के लिए वित्तीय सहायता देने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। यह ऋणपत्रों के आधार पर दीर्घकालीन एवं मध्यकालीन ऋण प्रदान करते हैं यह बैंक ऋणपत्रों को खरीदता है और इसका मुख्य कार्य है रुपए में भुगतान होने वाले लोन की गारंटी देना और निजी क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक इकाइयों द्वारा विदेशों में पूंजीगत माल की आयात के लिए विदेशी मुद्रा में लोन प्रदान करना।
कई तरह के उद्योग को लोन देने के बारे में निगम द्वारा एक निश्चित नीति का पालन किया जाता है इस निगम की स्थापना का विशेष महत्व है की यह अन्य वित्त निगमों की तुलना में औद्योगिक साख एवं विनियोग निगम की बातों में अनोखा है या ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता देता है जिसके विकास से भारत की विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।


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