गौरतलब है कि हर वर्ष संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी )सिविल सेवा की परीक्षा लेती है जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा ,भारतीय पुलिस सेवा एवं भारतीय विदेश सेवा सहित कई अन्य सेवाओं के लिए चयन किया जाता है ।1974 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक गुप्ता ने बातचीत के क्रम में साक्षात्कार के लिए कुछ मुख्य टिप्स दिए :-

यह परीक्षा तीन चरणों में ली जाती है जिसमें पहला चरण प्रारंभिक परीक्षा ,दूसरा चरण मुख्य परीक्षा एवं आखिरी चरण साक्षात्कार का होता है ।
उन्होंने बताया कि साक्षात्कार इसलिए लिया जाता है ताकि जो परीक्षा में पास होकर साक्षात्कार देने गए अभ्यर्थियों का नॉलेज टेस्ट नहीं बल्कि उनकी अवेयरनेस का टेस्ट किया जा सके अगर हम बात करें नॉलेज की तो यह है परीक्षा में ही पता चल जाता है परंतु उनकी अवेयरनेस कितनी है इसके लिए इंटरव्यू लिया जाता है ।

इसलिए जो भी उम्मीदवार यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं उनको देश और दुनिया के ताजा खबरों पर हमेशा ध्यान बनाए रखना होगा इसके लिए हर पहलू पर गहन सोच की जरूरत है ।
साक्षात्कार के समय उम्मीदवार का कॉन्फिडेंस लेवल भी देखा जाता है इसलिए ओवर कॉन्फिडेंस नहीं होना चाहिए और ना ही कॉन्फिडेंस का लेवल कम होना चाहिए किसी भी उम्मीदवार कॉन्फिडेंस लेवल नॉरमल होना चाहिए और उस उम्मीदवार में ईमानदारी की झलक भी दिखनी चाहिए।

उसके अलावा अगर आईएएस के इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो उसमें इंग्लिश का नॉलेज रखना आज के समय के लिए और ग्लोबलाइजेशन को ध्यान में रखते हुए बहुत ही जरूरी हो गया है।
साथ ही साथ इसमें जो भी क्वेश्चन पूछे जाते हैं वह लॉजिकल होते हैं अगर बात करें रीजनिंग की तो रीजनिंग के क्वेश्चन सभी को आने चाहिए क्योंकि यह क्वेश्चन बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं होते है।
उन्होंने यह भी बताया कि सिविल सेवा की परीक्षा की अधिकतम आयु सीमा को भी कम करना चाहिए एवं हर कैटेगरी के एससी, एसटी, ओबीसी के यंग लोग सिविल सेवा आएं क्योंकि उनका मानना है कि फ्रेश एवं एनर्जी से भरपूर युवा अगर सिविल सेवा के अधिकारी बनते हैं तो भी ज्यादा अच्छा कर पाएंगे ।