वैशाली jharkhand aajtak in
Meta ने Instagram पर टीनएजर्स के लिए एक नया फीचर लॉन्च किया है, जिसमें प्राइवेसी प्रोटेक्शन और पेरेंटल सुपरविजन जैसे कई टूल्स शामिल हैं। यह फीचर 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन इसके कई फायदे 18 साल तक के यूजर्स को भी मिलेंगे। इसका मकसद टीनएजर्स के लिए Instagram का अनुभव सुरक्षित और नियंत्रित बनाना है। आइए जानते हैं कि इस नए फीचर में क्या खास है और यह कैसे माता-पिता की चिंताओं को कम करेगा।
आइए जानते हैं नए फीचर्स की खास बातें:
प्राइवेसी सेटिंग्स
- जब कोई अकाउंट टीनएज अकाउंट के तहत आएगा, तो इंस्टाग्राम उसे डिफॉल्ट रूप से प्राइवेट रखेगा।
- यूजर्स यह तय कर सकेंगे कि उन्हें कौन कॉन्टैक्ट कर सकता है और कौन उनका कंटेंट देख सकता है।
- केवल कनेक्टेड अकाउंट्स ही मैसेज भेज सकेंगे।
सेंसेटिव कंटेंट कंट्रोल
- यह फीचर अनुचित कंटेंट को फ़िल्टर करेगा, जिससे बच्चों को ऐसी सामग्री से बचाया जा सकेगा।
- केवल कनेक्टेड लोग ही टैग या मेंशन कर सकेंगे।
एंटी-बुलिंग फीचर
- कमेंट और मैसेज में आपत्तिजनक शब्दों को फ़िल्टर करने के लिए यह टूल मौजूद होगा।
- इससे साइबरबुलिंग को रोकने में मदद मिलेगी।
यूजेज टाइम लिमिट
- लंबे समय तक इंस्टाग्राम के इस्तेमाल से बचाने के लिए 60 मिनट के डेली यूज के बाद नोटिफिकेशन भेजा जाएगा।
- पेरेंट्स डेली टाइम लिमिट सेट कर सकेंगे, जिसके बाद बच्चे इंस्टाग्राम को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।
पेरेंटल सुपरविजन
- सेटिंग्स में बदलाव करने के लिए पेरेंटल अप्रूवल की जरूरत होगी।
- पेरेंट्स यह देख सकेंगे कि उनके बच्चे ने पिछले सात दिनों में किसे मैसेज किए हैं, हालांकि वे मैसेज पढ़ नहीं पाएंगे।
- जल्द ही पेरेंट्स के पास सीधे सेटिंग्स को कंट्रोल करने की सुविधा भी आ जाएगी।
इस फीचर की मदद से टीनएजर्स को अनुचित कंटेंट और साइबरबुलिंग से बचाया जा सकेगा।
पेरेंट्स की चिंता कम होगी पेरेंटल कंट्रोल के जरिए माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। और यूजेज टाइम लिमिट के जरिए बच्चों को लंबे समय तक सोशल मीडिया के इस्तेमाल से रोका जा सकेगा।
इस तरह, Meta का यह नया फीचर टीनएजर्स के लिए Instagram को और सुरक्षित और नियंत्रित मंच बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।