अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के बारे में जाने विस्तार से (International current affairs

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अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस:-राष्ट्रीय शांति दिवस प्रतिवर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है या पहली बार 1988 में मनाया गया था उसका उद्देश्य वैश्विक शांति को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा मनाया जाता है। या यह अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पारित किया गया इस प्रस्ताव को यूनाइटेड किंग्डम और कोस्टा रिका द्वारा प्रस्तावित किया गया था या सितंबर के तीसरे मंगलवार को मनाया जाता था 2001 के बाद इस दिवस को 21 सितंबर को मनाया जाने लगा इसका उद्देश्य विश्व में शांति स्थापित करने तथा इसे बनाए रखने के लिए आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र संघ जिसे यूएन(UN)भी कहते हैं। यह एक अंतरसरकारी संगठन भी है, इसकी स्थापना अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा शांति की स्थापना के लिए की गई थी।संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को की गई थी स्थापना के समय से इस राष्ट्र के 52 सदस्य थे अभी यहां वर्कर इनकी संख्या 193 इसके मुख्यालय अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित है और संयुक्त राष्ट्र की अध्यक्ष अंतोनियो गुटेरेस हैं।

2-घुटने का प्रत्यारोपण:-नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी(NPPA)ने हाल ही में नी इंप्लांट्स घुटने का प्रत्यारोपण पर मूल्य सीमा को 1 वर्ष के लिए बढ़ाया है। कुछ दिनों के बाद इसकी वैधता समाप्त होने के बाद मूल्य नियामक ने विस्तार किया है।DPCO(Drug Price Control Order) के प्रावधानों के तहत, आवश्यक दवाओं की राष्ट्र सूची में शामिल केवल दवाओं की कीमतों को NPPA द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।कुछ साल पहले नीति आयोग की सिफारिश की तरह चिकित्सा उपकरणों को दवा और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत दवाओं के रूप में अधिसूचित किया गया था। जिनमें से चार को शामिल किया गया था।काडिंयक स्टेंट,कंडोम, डग्ग एल्यूटिंग स्टेंट और इंट्रा यूटरिन डिवाइस है। राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल्स मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यह रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत काम करने वाले एक संगठन है।इस प्राधिकरण को बल्क ड्रग्स,ड्रग फॉर्मूलेशन की कीमतों को नियंत्रित करने और ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के तहत देश की दवाओं की उपलब्धता को लागू करने का अधिकार प्राप्त है।

‌ ग्लोबल स्मार्ट सिटी इंडेक्स 2020 में सिंगापुर यूनिवर्सिटी के साथ इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट आईएमडी ने स्मार्ट सिटी इंडेक्स जारी किया है। स्मार्ट सिटी इंडेक्स ने इस साल पूरे विश्व में 109 शहरों को स्थान दिया है चयनित निवासियों को उनके संबंधित शहरों में परिवहन स्वास्थ्य और सुरक्षा गतिविधियों और शासन और अवसरों सहित पांच चित्र में तकनीकी प्रधानों पर सवाल पूछे गए थे जिसमें टॉप 10 शहर इस प्रकार है सिंगापुर, हेलसिंकी,ज्यूरेख, आकलैंड,ओस्लो, कोपनहेगन,जिनेवा, ताइपे,न्यूयॉर्क,एम्स्डम मुख्य है लेकिन भारत महामारी रैंकिंग में गिरावट के कारण पिछड़ा रह गया।स्मार्ट सिटी इंडेक्स आईएमडी विश्व प्रतिस्पर्धा केंद्र s.c.o. स्मार्ट सिटी ऑब्जर्वेटरी और सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन (SUTP) द्वारा तैयार किया गया है यह सूचकांक स्मार्ट शहरों के आर्थिक और तकनीकी पहलुओं पर एक संतुलित ध्यान केंद्रित करता है इसमें जीवन पर्यावरण और समावेश को गुणवत्ता सहित स्मार्ट शहरों के माननीय आयाम भी शामिल है
वे शहर जो कमियों को दूर करने और शहरीकरण के लाभों को बढ़ाने के लिए तकनीकों को लागू करता है उन्हें स्मार्ट सिटी कहा जाता है।

2.भारत ब्राजील दक्षिण अफ्रीका IBSA विदेश मंत्रियों की बैठक विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हुई थी इसका मुख्य बिंदु बैठक के दौरान मंत्रियों ने शांति,सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद से निपटने, बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली,अप्रसार मुद्दों, निशस्त्रीकरण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे मुद्दों पर सहमति व्यक्त की है।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को हानि कृत करने के लिए भी सहमत हुए हैं। एजुल्विनी सहमति और सिर्फ घोषणा के अनुसार अपने समर्थन का विस्तार करने के लिए सहमत हुए हैं।अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे अफ्रीकी संघ शांति और सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र आदि के साथ सहयोग करने पर भी सहमति व्यक्त की है यह अफ्रीकी संघ द्वारा सहमत अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर एक स्थिति है जो एजुल्विनी सहमति प्रतिनिधि और लोकतांत्रिक सुरक्षा परिषद का आवाहन करती है। जहां अफ्रीकी का प्रतिनिधित्व दुनिया के अन्य क्षेत्रों की तरह किया जाएगा वही एजुल्विनी स्विट्जरलैंड की एक घाटी है यहां समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे और इसलिए इस समझौते का नाम एजुल्विनी रखा गया है। अफ्रीकी संघ का मुख्य उद्देश ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी को रिप्लेस करना था इसका उद्देश्य अफ्रीकी देशों के बीच अधिक से अधिक एकता हासिल करना है इसके अलावा इसका उद्देश्य महाद्वीप में सामाजिक आर्थिक एक आखिरी एकीकरण को बढ़ावा देना और बचाव करना है। एजुल्विनी सहमति के बाद सिरते घोषणा हुई।इसे अफ्रीकी संघ ने भी अपनाया था ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी के चौथे सत्र में सिरते डिक्लेरेशन को अपनाया गया सिरते घोषणा इस प्रकार की घोषणा है।अफ्रीकी संघ की स्थापना,अबुजा संधि के कार्य कार्यान्वयन में तेजी।अफ्रीकन कोर्ट ऑफ जस्टिस अफ्रीकन सेंट्रल बैंक अफ्रीकी आर्थिक समुदाय और अफ्रीका संसद का निर्माण करना इनमें से एक है। यह बैठक IBSA में भारत- ब्राजील- दक्षिण- अफ्रीका शामिल है। भारत की विदेश मंत्री श्री एस जयशंकर ने आरबीएसई की विदेश मंत्री की बैठक की अध्यक्षता में की है।


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