नारी अदालत क्या है? झारखंड में किन-किन स्थानों पर बनाया जा रहा है? इसके सदस्य किसे बनाया जाएगा? Vks jharkhand aaj tak news in मिशन शक्ति के तहत संबल उप योजना का एक हिस्सा है नारी अदालत .इसका उद्देश्य महिलाओं के घरेलू उत्पीड़न, दहेज ,बाल हिरासत आदि के मामलों को ग्राम पंचायत स्तर पर बातचीत, मध्यस्थता एवं सुलह से हल कर दिया जाए. नारी अदालत या महिला समूह का गठन सामाजिक रूप से सम्मानित महिलाओं से की जाएगी. इस मंच का उपयोग जागरूकता पैदा करने और योजना में सुधार के लिए प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए होगा .इस योजना के तहत 7 से 11 सदस्य वाली महिला समूह का एक औपचारिक समूह बनाया जाएगा. यह समूह सामने आने वाले सामाजिक आर्थिक और संस्कृत मुद्दों का समाधान करेगा .संबंधित क्षेत्र की महिलाओं द्वारा विवाद को मध्यस्थ के माध्यम से निवारण करेगी. पुलिस, जिला विधिक प्राधिकार ,वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन से जोड़कर भी वैकल्पिक समाधान किया जाएगा .इस योजना के तहत चयनित सदस्य को कोई पारिश्रमिक नहीं मिलेगा. झारखंड के 10 जिले में नारी अदालत बनाई जा रही है. यह अदालत ग्राम पंचायत स्तर पर महिला उत्पीड़न जैसी घटना को हल करने के लिए शिकायत निवारण केंद्र के तौर पर काम करेगी. महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल चुकी है. इसके लिए पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, रांची, पलामू, साहिबगंज, खूंटी ,लोहरदगा, रामगढ़ ,गुमला, गिरिडीह जिला को चुना गया है .इसके विभिन्न अंचल और पंचायत में नारी अदालत शुरू किया जा रहा है. संथाल परगना प्रमंडल में वर्ष 2022 में महिला उत्पीड़न के कई कैसे आए थे .इसे देखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है.

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