Vaishali jharkhand aajtak in
राज्य सरकार ने सहारा समूह की कंपनियों में निवेश करने वाले 11.61 लाख से अधिक निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस दिलाने के लिए 2,025.75 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की है। यह राशि CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के माध्यम से उन निवेशकों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सीधे जमा की जाएगी, जिन्होंने पहले ही अपना दावा पेश कर दिया है।
सहकारिता मंत्री अमित शाह के अनुसार, अभी तक प्रत्येक पात्र निवेशक को 50,000 रुपये तक की राशि वापस की गई है। इससे पहले सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा किया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश 29 मार्च 2023 के अनुसार, सहारा-सेबी रिफंड खाते में जमा 24,979.67 करोड़ रुपये में से 5,000 करोड़ रुपये निवेशकों को लौटाने के लिए जारी किए गए। इस प्रक्रिया की निगरानी पूर्व न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी और अधिवक्ता गौरव अग्रवाल कर रहे हैं।
यह राशि सहारा समूह की चार प्रमुख सहकारी समितियों के निवेशकों को दी जाएगी:
- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (लखनऊ)
- सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी (भोपाल)
- हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (कोलकाता)
- स्टार्स मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटी (हैदराबाद)
रिफंड के लिए आवेदन पूरी तरह से डिजिटल और कागज रहित है। यदि किसी आवेदन में त्रुटि होती है, तो निवेशक 15 नवंबर 2023 से शुरू हुए पुनः आवेदन पोर्टल के जरिए दोबारा दावा कर सकते हैं।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार निवेशकों की पूरी जमा राशि वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग टीम के साथ समन्वय कर कार्य किया जा रहा है। निवेशकों से अपील की गई है कि वे CRCS-सहारा पोर्टल पर अपने दावे जल्द से जल्द दर्ज कराएं।
यह कदम सहारा निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है, जो वर्षों से अपने फंसे हुए धन की प्रतीक्षा कर रहे थे।