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रांची स्थित रिम्स झारखंड का पहला अस्पताल होगा जहां ब्रेन डेथ की घोषणा की जा सकेगी. स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह जानकारी दिया है. ब्रेन डेथ घोषित किए जाने के बाद संभावित अंगदाता की पहचान हो पाएगी. जिससे अंगदान के जरिए अंग प्रत्यारोपण को बढ़ावा दिया जाएगा .किसी व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित करने से पहले कई प्रकार के परीक्षण किए जाते हैं. यह परीक्षण घटना के 6 घंटे के अंतराल में पैनल के द्वारा किया जाता है. पैनल में चार डॉक्टर शामिल होते हैं .इसमें स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन भी शामिल होता है, जो विशेषज्ञ के गठन को मंजूरी देता है.
क्या है ब्रेन डेथ? की स्थिति स्थाई होती है जिसे ठीक नहीं किया जा सकता है. किसी रोगी को brain dead घोषित होने के बाद परिवार के साथ बात करके दान का निर्णय लिया जा सकता है. जिससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल जाएगा .ब्रेन स्टेम दिमाग का निचला हिस्सा होता है जो रीड की हड्डी से जुड़ा होता है. Brain स्टेम शरीर के महत्वपूर्ण केंद्र जिसमें सांस लेने की प्रक्रिया एवं हृदय का धड़कना शामिल है उसको नियंत्रित करता है .इसलिए झारखंड में इसे शुरू कर दिया गया है .इसके लिए बीआईटी mesra का सुशांत कुमार सिंह को पिछले साल 22 मार्च को लंदन में मृत्यु हो गई थी. वहां के डॉक्टर के परामर्श से परिवार ने सुशांत के शरीर के विभिन्न अंग को दान करने का फैसला लिया था, जिसमें सुशांत की आंख ,आंख का टिशु ,लिवर किडनी ,हार्ट और पेनक्रियाज शामिल है. इसका लाभ वहां लंबे समय से अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे मरीज को मिला था अब झारखंड में इसे शुरू कर दिया गया है.
झारखंड के निजी क्षेत्र में नौकरी को लेकर बनी विधानसभा की विशेष कमेटी
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झारखंड में 40000 तक की नौकरी में 34188 हजार स्थानीय कम कर रहे हैं. श्रम विभाग ने नियोजन पोर्टल में 190000 लोगों का डाटा अपलोड किया है . सरकार द्वारा यह नियम बनाया गया है कि राज्य में अगर 40000 तक की नौकरी मिलेगी तो इसमें 75% स्थानीय लोगों को बहाल किया जाएगा. विधानसभा की विशेष कमेटी निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय लोग को नियुक्त करने संबंधित प्रस्ताव का मॉनिटरिंग कर रही है. इस विशेष कमेटी में नलिन सोरेन सभापति है और सदस्य के रूप में प्रदीप यादव, sudibya कुमार सोनू है .विधानसभा कमेटी ने विभागीय अधिकारी के साथ कई बार बैठक किया है और कंपनी से डाटा बना कर देखा है कि स्थानीय लोग नौकरी कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार 5579 कंपनी ने अब तक निबंध करवा लिया है और रिक्ति भी प्रकाशित की गई है .जिसमें सत प्रतिशत स्थानीय लोग ही कम कर रहे हैं.