उपभोक्ता मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार यह खुलासा किया गया है कि उपभोक्ता धोखाधड़ी, अधिक कीमत पर वसूलने एवं उचित सामान न मिलने की पर शिकायत दर्ज कराते हैं जिसमें से 23% शिकायत का निपटारा उचित सलाह देकर किया जाता है। कंपनी द्वारा कोई भी जवाब नहीं दिया जाता जबकि हेल्पलाइन पर उपभोक्ता द्वारा हर साल लाखों शिकायत दर्ज किये जाते हैं।

शिकायतों को हल करने को लेकर विभाग सतर्क नहीं है। बता दें कि दो 2017-18 के आंकड़ों के अनुसार 3,98000 शिकायत दर्ज कराई गई जिसमें से केवल 92 हजार शिकायत को सलाह द्वारा निपटारा कर दिया गया इससे संबंधित कंपनी ने कोई भी जवाब नही दिया।