हाईकोर्ट ने कहा 5000 जुर्माना दो या फिर आंवला अथवा नीम का पेड़ लगाओ
Nitusingh abtaknews.live
एक प्रतियोगी परीक्षा में उर्दू को एक विषय के रूप में शामिल नहीं करने पर एक व्यक्ति ने कोर्ट में याचिका डाल दीया. जब कोर्ट ने पूरे मामले की पड़ताल करवाई तो पता चला कि यह व्यक्ति ना तो परीक्षा का फॉर्म भरा है और ना वह परीक्षा देने वाला है .दरअसल मामला हरियाणा सिविल सेवा HCS के लिए प्रतियोगी परीक्षा में उर्दू विषय नहीं रखने को लेकर एक याचिका को लेकर है. लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ता के ऊपर जुर्माना लगा दिया है .हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण मूंगा ने अपने फैसले में कहा कि जब प्रार्थी खुद इस परीक्षा के लिए आवेदन तक नहीं दिया, ऐसे में उसे चुनौती देने का अधिकार कैसे मिल गया? ऐसे में उसने याचिकाकर्ता को ₹5000 जुर्माना देने के लिए कहा अथवा इसके बदले में अपने घर के आस-पास नीम आंवला और गुलमोहर जैसे सदाबहार पेड़ लगाकर इसका सर्टिफिकेट बागवानी विभाग से लेकर कोर्ट में जमा कराने को कहा है