सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियन हड़ताल करेंगे जिसमें लगभग 25 करोड लोग शामिल होंगे जिसमें एचएमएस ,टीयूसीसी ,सीटू यूटीयूसी समेत कई अन्य संघ शामिल होंगे। ट्रेड यूनियन सरकार की श्रमिक विरोधी एवं जन विरोधी नीति को वापस लेने की मांग करेंगे।

गौरतलब है कि 8 जनवरी 2020 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल में किसान मजदूर समेत सेक्टर के लोग शामिल होने वाले हैं।
कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक और मजदूर यूनियनों के बीच सोमवार को 8 जनवरी को हड़ताल को लेकर कोलकाता में बातचीत हुई उन्होंने बताया कि हड़ताल को लेकर बैठक हुई है परंतु उसमें कोई भी समाधान नहीं निकाला गया।

इसलिए 10 सूत्री मांग को लेकर 8 तारीख को देशव्यापी हड़ताल करेगी जिसमें बेरोजगारी एवं मंदी सबसे बड़ा मुद्दा होगा। सीटू के महासचिव प्रकाश विद्या ने बताया कि नवंबर में ही 8 जनवरी को किसानों को 22 सूत्री मांगों को लेकर ग्रामीण इलाकों में बंद करने की भी घोषणा की गई थी।

एक्टू के महासचिव सुरेंद्र जैन ने बातचीत के क्रम में बताया कि कि अलग-अलग क्षेत्र के कर्मचारी इस हड़ताल में समर्थन दे रहे हैं उन्होंने कहा कि बेरोजगारी एवं मंदी के साथ साथ बैंक, बीमा कंपनी ,कोयला ,खनिज ,आंगनवाड़ी इत्यादि सभी कर्मी इस हड़ताल में का समर्थन दे रहे हैं।