जमशेदपुर में कोचिंग संस्था बहुत दिनों से बंद पड़ा है लगभग 1 साल होने को है कोरोना काल में सबसे भारी नुकसान कोचिंग इंस्टिट्यूट वालों को हुआ है। जमशेदपुर कोचिंग संघ ने आज डीसी को ज्ञापन सौंपा मौके पर मौजूद कोचिंग संघ के संयोजक ने कहा की कोचिंग पर 5000 से 10,000 लोग डिपेंडेंट है उनकी आर्थिक स्थिति भी समाप्त हो गई है और जमशेदपुर कोचिंग संघ के लोग चाहते हैं कि झारखंड में सारे कोचिंग संस्था खोल दिया जाए उन्होंने सरकार से अपील की है कि झारखंड के सारे संस्था खोल दिया जाए। और उन्होंने यह भी बताया कि 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के सामने एक दिवसीय उपवास करेंगे जिसमें कोचिंग संगठन के लोग मौजूद होंगे उन्होंने निम्न बिंदुओं पर बात कही है।
- कोचिंग स्थान से संबंधित शिक्षक प्रबंधन एवं विद्यार्थी समुदाय में किंकर्तव्यविमूढ़ता की स्थिति बढ़ती ही जा रही है।
- इस व्यवसाय से जुड़े प्रत्यक्ष लोग प्रतिकूल आर्थिक स्थिति के दौर से गुजर रहे हैं
- तमाम प्रतियोगी परीक्षा नियत समय पर हो रही है। इससे विद्यार्थियों के मनोदशा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, संस्थान के बंद होने के कारण उनका मार्गदर्शन नहीं हो पा रहा है
- कोचिंग संस्थान भाड़ा नहीं देने की वजह से लगभग बंद के कगार पर है।
- बिहार सहित अन्य राज्यों में विद्यालय महाविद्यालय सहित कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति प्रदान कर दी गई है।
डीसी के माध्यम से इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल द्रौपदी मुरमू, स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता एवं जमशेदपुर पूर्वी विधायक श्री सरयू राय को भी दी गई है।
