एच-1बी वीजा से अदालती प्रतिबंध हटाने से क्या होंगे बदलाव#विश्व आवास दिवस(International current affairs)

Share The News

भारत ने गांधी जयंती के शुभ अवसर पर नेपाल को स्वास्थ्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में 41 एंबुलेंस और 6 बसें प्रदान की है। भारत में कोविड-19 जैसे वायरस महामारी से निपटने के लिए के लिए 30 टन आवश्यक दवाएं जिसमें की पेरासिटामोल की 3.2 लाख खुराक और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 2.5 लाख दी थी। इसी प्रकार भारतीय सेना ने नेपाली सेना को वेंटिलेटर प्रदान की थी। कॉमन लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में है जो पहाड़ी इलाकों के लिए सबसे उपयुक्त है। भारतीय सेना नेपाली सेना को समर्थन देने का एक लंबा रिकॉर्ड रहा है।

भारत और नेपाल काठमांडू, जनक अयोध्या,लुंबिनी, बोधगया नामक जैसे सिटीज समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। नेपाल भूकंप बाढ़ आदि ऐसे जीवन के संदर्भ में बड़े पैमाने पर छतिग्रस्त होते हैं। नेपाल मानवीय सहायता का सबसे बड़ा प्राप्त करता है।
अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाने वाला विश्व आवास दिवस मनाया गया जिसकी थीम है (Housing for all a better urban future) है। इसका उद्देश्य फ्रंटियर टेक्नोलॉजी के उपयोग का बढ़ावा देना होता है क्या ऐसे कहा जा सकता है कि कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना। जिसके द्वारा सतत 11 प्रयास को बढ़ावा दिया जाएगा। सतत विकास 11 का लक्ष्य या उद्देश्य यह है की शहरों का समावेशी, लचीला और टिकाऊ बनाना है। यह स्थाई शहरीकरण को वैश्विक एजेंडे के केंद्र में रखा जाता है। इसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। हरित सार्वजनिक आवास बनाना, सार्वजनिक परिवहन में निवेश, सहभागिता और समावेशी तरीकों से प्रबंधन जैसे शहरी नियोजन में सुधार करना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावास कोविड-19 की प्रतिक्रिया की योजना प्राप्त करना है किस का लक्ष्य है आर्थिक प्रभाव को कम करना, समाधानों और सुचित निर्णय के लिए शहरी डेटा और ज्ञान प्रदान करना है। वर्तमान में दुनिया की लगभग 55%फ़ीसदी आबादी शहरों में रह रही है जिसकी संख्या हर दिन बढ़ रही है।

विश्व आवाज दिवस दिवस को पहली बार 1986 ईसवी में मनाया गया था जिसके तत्पश्चात विश्व आवास दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य सभी के लिए आवश्यक आवास की सुविधा प्रदान करना है।
एच-1बी वीजा से अदालती प्रतिबंध हटाने से क्या बदलेगा :- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल जून में एच-1बी वीजा समेत विदेशियों को दिए जाने वाले कान में वीजा पर प्रतिबंध लगा दिया था यह प्रतिबंध दिसंबर 2020 तक के लिए लगाए गए थे अब अमेरिका के कैलिफोर्निया की जिला अदालत के जज जेफरी व्हाइट ने ट्रंप प्रशासन के प्रतिबंध के आदेश पर रोक लगा दी है इस फैसले के बाद एच-1बी समेत सभी प्रकार के वीजा पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा दूसरे देशों में रह रहे सभी प्रकार के वीजा धारक अब अमेरिका जा सकेंगे जिन लोगों का रोना काल में अमेरिका तबादला हुआ है वह अब मैं दफ्तर में जाकर काम संभाल सकेंगे अपनों से दूर रह रहे पति -पत्नी अपनों के पास अमेरिका में जा सकेंगे जिन वीजा धारकों के नवीकरण पर रोक लगी है वे अपने वीजा की अवधि बड़वा सकेंगे कामगारों की कमी का संकट झेल रहे कंपनियां दूसरे देशों से कर्मचारी भुला सकेंगे सांस्कृतिक शिक्षा एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अमेरिका का दौरा किया जा सकेगा प्रवासी कामगारों को दिए जाने वाले एच-1बी वीजा के सबसे ज्यादा लाभ भारतीयों को मिलता है अमेरिका में काम करने के लिए 6 साल के लिए एच-1बी विजा दिया जाता है दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति के पास कुछ विशेष अधिकार होते हैं जिसका इस्तेमाल करते हुए ही उन्होंने अमेरिका में अवैध रूप से काम करने वाले अप्रवासी कुशल कामगारों के नए प्रवेश पर इस साल के आखिर तक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी यह फैसला जून से लागू हो गया था फैसले के लागू होने के बाद से ही दिसंबर तक किसी भी विदेशी कामगारों को एच-1बी विजा या अमेरिका में काम करने के लिए मिलने वाले दूसरे वीजा जारी नहीं किया जा रहा है इस फैसले का असर एच-1बी के अलावा एल-1,एच4 ,जे1,और एच-2 ,पर भी हुआ था एच-1बी, अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कामगारों को मिलता है एल-1 उन विदेशियों को मिलता है जिनका अमेरिका स्थित कंपनियों में तबादला होता है एच-4 विजा एच-1बी वीजा धारकों के साथ रहने वाले पति पत्नियों को मिलता है जे-1 विजा सांस्कृतिक शिक्षा के आदान-प्रदान कार्यक्रमों के इमीग्रेशन के लिए मिलता है एस-2 बीजा नान एग्रीकल्चर इंडस्ट्री में काम पर आने वाले कामगारों के लिए दिया जाता है एच-1b वीजा एक गैर प्रवासी वीजा होता है जो किसी विदेशी नागरिक या कामगार को अमेरिका में काम करने के लिए 6 साल के लिए जारी किया जाता है जो कंपनियां अमेरिका में हैं उन्हें यह वीजा ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी हो इस वीजा को पानी की कुछ शर्ते भी होती है जैसे कर्मचारी को स्नातक होने के साथ ही किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता भी हासिल होना चाहिए इसके अलावा इसे पाने वाले कर्मचारी की सालाना तनख्वाह 40000 डालर यानी यानी 45 लाख रुपए से ज्यादा होनी चाहिए एच-1b विजा अमेरिका में बसने की राह भी आसान करता है एच-1b वीजा धारक 5 साल के बाद अमेरिका की स्थाई नागरिकता या ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं टीसीएस विप्रो इंफोसिस जैसे 50 से ज्यादा भारतीय आईटी कंपनियों के अलावा गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी कंपनियां इस वीजा का इस्तेमाल करती है।
अमेरिका हर साल 50,000 एच-1b वीजा जारी करता है पिछले 5 साल में जारी किए एच-1b वीजा में 70 फ़ीसदी से ज्यादा भारतीयों को मिले हैं यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज के अनुसार 2020 -21 में एच-1बी विजा पंजीकरण के लिए 275000 आवेदन प्राप्त हुए हैं इसमें से 67.7 फ़ीसदी यानी करीब दो लाख आवेदन केवल भारत से ही हैं।


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *