हाल ही में विश्व शिक्षक दिवस मनाया गया। यह दुनिया मे सभी शिक्षकों के अच्छे कार्य ,मेहनत और उनके प्रयासों की प्रशंसा के लिए मनाया जाता है। यह साल 1994 में शुरू किया गया इस को मनाने का उद्देश्य मुख्य रूप से यही था कि किस तरह से शिक्षकों की स्थिति को बेहतर बनाया जा सके और उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों ,रोजगार और आगे की शिक्षा के साथ तमाम ऐसे गाइडलाइन कहीं गई थी।सन 1997 हायर एजुकेशन टीचिंग मेंबर्स को किया गया राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में और इससे जुड़ी समस्याओं को पहचानने के लिए 2030 तक का लक्ष्य रखा गया है ।इसको यूनेस्को संयुक्त राष्ट्र शैक्षाणिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन ने मनाया यह शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में काम करता हैं ।इस दिन को इसलिए मनाया जाता है ताकि शिक्षकों और शिक्षा की स्थिति में सुधार आ सके। और कोरोना महामारी के कारण या ऑनलाइन मनाया गया और इस दिन ,को मनाने के लिए ऑनलाइन सेमिनार का भी आयोजन किया गया। यह सांस्कृतिक धरोहर जैसे कि ताजमहल ,अजंता की गुफाएं, एलोरा की गुफाएं, विश्व विरासत स्थल की घोषणा करता है और इसके संगठन मे 193 सदस्य देश शामिल है इसमे 11 सहयोगी सदस्य देश और दो पर्यवेक्षक सदस्य देश शामिल है यह संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र का एक घटक है। इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानव और उसके अधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने।इस वर्ष विश्व शिक्षक दिवस 2020 की थीम टीचर्स लीडिंग इन क्राइसिस, रीइमेजिनिंग द फ्यूचर है। यूनेस्को की सिफारिश पर लगभग सौ देशों की समर्थन के बाद इस बिल को पारित किया गया था और इस बिल के पारित होने के बाद ही हर वर्ष वर्ष 5 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व शिक्षक का आयोजन होता है। और इसे बनाने में यूनिसेफ, यूएनडीसी, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा(ईआई) मिलकर हर साल इस दिन का आयोजन करते हैं।

यूनेस्को की स्थापना 16 नवंबर 1945 को हुई थी। इसका पूरा नाम यूनाइटेड नेशंस एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल आर्गनाइजेशन है। और इसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है यह एक संगठन है जो पूरे विश्व में शांति बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है और यह दुनिया में ऐसी बहुत सी वस्तुएं हैं जिनको सुरक्षा देती है जिसका काम है शिक्षा संस्कृति के माध्यम से दुनिया में शांति को बनाए रखना है। यूनेस्को दुनिया भर में सभी जगह को खोजने का काम करता है जो मनुष्य के लिए उपयोगी हो और उस स्थान से जुड़े तथ्य को आगे बढ़ाने में वह मुख्य रूप से कार्य करता है और कानूनी मदद भी लेता है और वह सभी वस्तुएं चाहे वह मानव ने बनाई हो या प्राकृतिक या ऐतिहासिक रूप से हो। 1 जनवरी 2019 में अमेरिका और इजरायल ने इस संगठन की सदस्यता छोड़ दी थी ताजमहल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची 2017 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है पूरी दुनिया में इसके 21 राष्ट्रीय कार्यालय हैं।
यूनेस्को के तत्वाधान में कुल 40 अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं। जिसमें मुख्य रूप से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस, 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस और 18 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस शामिल हैं।और हर दो साल में इसकी एक सामान्य सभा होती है जिसमें यूनेस्को के सभी सदस्य देश और उसके पर्यवेक्षक देश शामिल होते हैं।
पूरी दुनिया में से ऐसी बहुत सी विश्व धरोहरें मौजूद है जो ऐतिहासिक होने के साथ-साथ बहुत ही सुंदर है जिसे देखते ही मनुष्य का मन आकर्षित हो जाता है। लेकिन यह धरोहरों का ठीक तरह से देखभाल ना होने के कारण यह दिन पर दिन नष्ट होती जा रही है इसी के चलते एक ऐसी संगठन को बनाया गया है ,जिसको यूनेस्को कहा जाता है ।
यूनेस्को यह एक ऐसा संगठन है जो पूरे विश्व में शांति को बनाए रखने का काम करता है और यह विश्व की सभी धरोहर और वस्तुओं की देखभाल और उनको को सुरक्षा प्रदान करता है। इस संगठन में 193 सदस्य देश शामिल है जिसमें 11 सहयोगी सदस्य देश और दो पर्यवेक्षक सदस्य देश है जो इसका पालन करते है।इसके अंतिम ब्रांड एंबेसडर मेक्सिको के एंड्रेस रोमेर है यूनेस्को में भारत के भी दो ब्रांड एंबेसडर मदनजीत सिंह सन 2000 और सनी वर्की सन 2012 में रह चुके है।

सन 1942 में जब विश्व युद्ध के वजह से दो हिस्सों में बट गई थी कुछ देशों के शिक्षा मंत्रियों ने यूनाइटेड किंगडम में एक मीटिंग की जिसका नाम कॉन्फ्रेंस ऑफ अलाइड मिनिस्टर्स ऑफ एजुकेशन रखा। यूनेस्को को मुख्य रूप से युद्ध से होने वाली तबाही को रोकता है ऐसे संगठन को बनाया गया जो दुनिया में अमन और शांति को बनाए रखें किसी के लिए एक मीटिंग में ऐसे संगठन बनाने का प्रस्ताव रखा जो शिक्षा और सांस्कृतिक कार्य में अच्छे तरीके से काम करें और यह बात बहुत से देशों को अच्छी लगी और उन्होंने इस संगठन को बनाने का विचार किया जैसे और इन्हीं सब वजह से 1945 में यूनाइटेड नेशंस एक मीटिंग बुलाई गई। जिसमें देश के लगभग 44 देशों ने भाग लिया और यह बताया गया कि यह संगठन शांति को बनाए रखेगा और आने वाले समय में जो भी विश्वयुद्ध होगी उसे यह रोकने में सक्षम होगी मीटिंग के बाद 37 देशों ने मिलकर इसकी स्थापना की और 16 नवंबर 1945 को यूनेस्को के संविधान पर हस्ताक्षर कर 4 नवंबर 1946 को इसे लागू कर दिया गया और वर्तमान समय में इसके महानिदेशक आंद्रे अजोले है जिन्हें यह पद 13 अक्टूबर 2017 को दिया गया था इनके पहले इस पद पर इरीना बोकिवा थी। यह बहुत ही शिक्षा जगत के क्षेत्र में भी कार्य करता है जिसमें से एक साक्षरता दिवस। यह शिक्षक और छात्रों के लिए भी काम करता है ताकि शिक्षा जगत के क्षेत्र में भी उन्नति हो। और इसके अलावा यह धारणीय विकास के लिए नीति और विज्ञान की जानकारी को गतिशील बनाता है और उभरती हुई सामाजिक और नैतिक चुनौतियों का समाधान करता है और साथ ही सांस्कृतिक विविधता, और शान्ति को बढ़ावा देता है राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय कानून का राज और मानव के अधिकार और उसके स्वतंत्रा के लिए सहमति ले सके इसका कार्य शिक्षा प्रकृति तथा समाज विज्ञान संस्कृति तथा संचार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शांति को बनाए रखना है।
यूनेस्को ने भारत में 35 विश्व धरोहर स्थल घोषित किए हैं। हाल ही में यूनेस्को ने तीन महत्वपूर्ण विरासत स्थलों को जोड़ा है, जैसे बिहार में नालंदा, चंडीगढ़ में ले कोर्बुसीयर द्वारा डिज़ाइन किया गया कैपिटल बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स और सिक्किम में खंगचेंदोंग नेशनल पार्क जुलाई 2016 के सम्मेलन में विश्व धरोहर स्थल के रूप में। आगरा का किला और अजंता की ऐतिहासिक गुफाएँ सूची में शामिल होने वाले भारत के पहले व्यक्ति थे। इन 35 स्थलों में से सात स्थलों को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में वर्गीकृत किया गया है। और अन्य आठ स्थलों को प्राकृतिक धरोहर स्थल के रूप में वर्गीकृत किया गया है।