जोकोविच और क्वितोवा फ्रेंच ओपन #भौतिकी शास्त्र का नोबेल पुरस्कार “2020#सबसे पहले भौतिकी नोबेल पुरस्कार विजेता(International current affairs)

Share The News

जोकोविच और क्वितोवा फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने सीधे सेटों में जीत दर्ज करके 14वीं बार फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया राफेल नडाल के रिकॉर्ड की बराबरी की जबकि दो बार की विंबलडन चैंपियन पेत्रा क्वीतोवा ने 8 साल बाद रोला गेरां में अंतिम आठ में जगह बनाई अपने 18वें ग्रैंड स्लैम खिताब की कवायद में लगे। जोकोविच ने रूस के 15वें वरीय करेंन खाचनोव को 2 घंटे 23 मिनट तक चले मैच में 6-4, 6-3, 6-3 से हराया। यहां रोलां गैरां पर उनकी कुल 72 वीं जीत हैऔर चौधरी बार क्वार्टर फाइनल में पहुंच कर उन्होंने नडाल के बनाए गए रिकॉर्ड की बराबरी की।वहां लगातार 11वीं बार अंतिम आठ में पहुंचे और इस तरह से ओपन युग में उन्होंने अपने रिकॉर्ड को नए मुकाम पर पहुंचाया जोकोविच ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंटों में 47 वीं बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचे हैं और वह इस मामले में रोजर फेडरर (57) के बाद दूसरे स्थान पर है। वह अगले दौर में पाब्लो कैरेनो बस्टा और डेनियल अल्टमेयर के बीच होने वाले चौथे दौर के मैच के विजेता से भिड़ेंगे महिला वर्ग में चेक गणराज्य की सातवीं वरीयता प्राप्त किवतोवा ने चीन की गैर वरीय झांग शुहाई को 6-2,6-4 से हराया। यह पिछले 8 वर्षों में पहला अवसर है जबकि क्यों तोड़ा ने फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह सुरक्षित की है इससे पहले या 30 वर्ष के खिलाड़ी 2012 में रोला गेरां में सेमीफाइनल तक पहुंची थी। जान पहले सेट में जब 2-5 से पीछे चल रही थी तब उन्होंने मेडिकल टाइमआउट भी लिया था। क्वितोवा ने इस बीच कोर्ट फिलिप चैटरियर पर सर्द मौसम से बचने के लिए गुलाबी रंग का कोर्ट और लिया था। इस गैर वरीयता प्राप्त जर्मन खिलाड़ी ने स्पेन की पाला बादोसा को 7-5,6- पांचवी2, से हराकर पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम आठ में जगह बनाई। पुरुष वर्ग में स्टेपफनोस सीटसिपास और आंदरेइ रूबलेव ने पहली बार फ्रेंच ओपन के अंतिम आठ में जगह बनाई पांचवीं वरीयता प्राप्त सीटसिपास ने बुलगारीआ के 18वें वरीय ग्रिगोर दिमितरोव को 6-3,7-6,9,6-2 से हराया पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाला यह यूनानी खिलाड़ी अंतिम चार में पहुंचने के लिए रूस के 13वें वरीय आंद्रेई रूबलेव से भिड़ेगा।
–भौतिकी शास्त्र का नोबेल पुरस्कार “2020 में किसको मिला? सबसे पहले भौतिकी नोबेल पुरस्कार विजेता कौन थे? -भौतिकी शास्त्र नोबेल पुरस्कार 2020 के विजेता एंड्रिया एम घेज, रोजर पेनरोज और रेनहॉड गेनजेल को दिया गया‌। एकमात्र भारतीय जिसे बहुत ही का नोबेल पुरस्कार मिला है जिसने रमन इफेक्ट की खोज की थी 1930 ईस्वी में सर सी वी रमन थे जिन्हें विश्व युद्ध के कारणों के कारण से 6 सालों तक नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया। भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार 3 महिलाओं ने पुरस्कार जीता जिनमें से मैरी क्यूरी 1903 में, मारिया गोएपर्ट मेयर 1963में और डोना स्ट्रीकलैंड 2018 में जीती थी। मैरी क्यूरी ने 2011 में रसायन विज्ञान में भी नोबेल पुरस्कार जीता थी जो कि 2 श्रेणियों में पुरस्कार जीतने वाली एकमात्र महिला है।

पारदर्शी माध्यम से गुजरने के बाद प्रकाश की किरणें का कुछ हिस्सा बिखर जाता है जिससे प्रकाश के प्रकीर्णन की इस घटना को रमन स्कैटरिंग कहा जाता है और इसी प्रकरण के कारण को रमन प्रभाव कहते हैं इन बिक्री हुई किरणों की तरंगदैर्ध्य (wavelength) प्रकाश की किरणों से भिन्न होती है। 28 फरवरी 1928 को भौतिक विज्ञानी सीवी रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज को चिन्हित करने के लिए 28 फरवरी को “राष्ट्रीय विज्ञान दिवस” मनाया जाता है इसलिए सी. वी.रमन को इसकी खोज के लिए 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ।
-भारत ने म्यांमार को रेमे डिसविर की 3000 शिशियां प्रदान की। भारतीय दवा कंपनी रेमेडिसविर का विकास शुरू किया यह दवा कोविड-19 के लिए रामबाण हो सकता है चीन के वुहान सिटी से पहले हुए फैले हुए कोरोनावायरस के लिए यह दवा रामबाण का काम कर सकती है।

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एम.एम नरवने और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने म्यांमार को रेमेडिसविर की 3000 से अधिक शीशिया सौंपी हैं।इन शीशियों को म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की को जनरल एम.एम नरवने और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला की म्यांमार यात्रा के दौरान सोंपा। इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा और सुरक्षा शहीद क्षेत्रों में संबंधों का विस्तार करना है। भारत और म्यांमार 2021 तक मयमार के सिटी बंदरगाह को चालू करने के लिए काम कर रही है यह बंदरगाह भारत की लैंडलॉक्ड भूमि को कनेक्ट करेगा दोनों देशों में भारत म्यांमार थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग के तहत 69 पुलों का निर्माण जल्द शुरू करने की योजना बना रही है। कुछ साल पहले समझौते के अनुसार भारत सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने में म्यांमार की सहायता कर रहे हैं भारत में 5 साल की अवधि के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर प्रदान की है यह समझ ज्ञापन पहले ही आने वाले वर्षों तक बढ़ाया जा चुका है। भारत हिंद महासागर क्षेत्र( IOR)को सुरक्षित करने के लिए मायंमार के साथ अपने समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इस क्षेत्र में चीनी प्रभाव बढ़ रहा है।


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *