चीन के आयात पर निर्भरता घटाने के अंतर्गत देश की कंपनियों में भी विनिर्माण शुरू किया गया है। बता दे कि वाहनों के क्षेत्र में बंपर भर्ती आने वाली है। गौरतलब है कि भारत चीन सीमा पर तनाव को देखते हुए आयात पर निर्भरता कम करने के लिए भारत द्वारा आत्मनिर्भर बनने में तेजी से कार्य कर रही है। बता दे कि आने वाले समय में वाहन उपकरण उद्योग में लगभग 60 लाख भर्ती आने वाली है।

जिसमें सुक्ष्म छोटे एवं मझोले उद्योग शामिल है। सरकार ने वाहनों के विनिर्माण में 200 अरब डॉलर का बाजार लक्ष्य रखा गया है जो अभी तक 57 अरब डॉलर है एवं विशेषज्ञों की माने तो 200 अरब डालर तक पहुंचने के लिए 30 से 40 अरब डालर के निवेश करने की जरूरत है। बता दें कि चीन पर से निर्भरता खत्म करने में लगभग 5 साल लगेंगे , अब तक भारत में 17.6 अरब डालर के वाहन कलपुर्जा का आयात किया जाता था। वर्तमान में 27% आयात में चीन की हिस्सेदारी है।