गुरुवार को जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाएं (टीआरएल )विभाग के अनुबंध सहायक प्राध्यापकों ने विभाग परिसर में भिक्षा टन किया. 13 माह से उन लोगों को अब तक मानदेय नहीं मिला है जबकि वे ईमानदारी से अपना काम करते हैं ,समय पर क्लास लेते हैं , विभाग के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं परंतु फिर भी उन्हें 13 महीनों से उनका मानदेय नहीं दिया गया है ज्यादातर शिक्षक परिवार वाले हैं और उन्हें उनका मानदेय वक्त पर नहीं मिलने के कारण काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
झारखंड अनुबंध सहायक संघ के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन कुमार महतो ने बताया कि झारखंड में 9 जनजातियां एवं क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई होती है परंतु मानदेय समय पर नहीं मिल पाता उन्होंने यह भी बताया कि मानदेय को लेकर पूर्व एवं वर्तमान एचओडी को इसकी जानकारी दी गई थी। इन्होंने बिल भी बना कर दिया परंतु विभाग की ओर से कोई भी सकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिला . अगर समाधान नहीं निकला तो वे प्रशासनिक भवन में वीसी, प्रो वीसी और अल्बर्ट एक्का चौक पर भी भिक्षा टन करेंगे।