जिले में इंटरमीडिएट का रिजल्ट खराब होने के मुख्य कारण सभी प्लस टू के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है बता दें कि गणित ,अंग्रेजी व विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षकों की कमी होने के कारण अधिकतर बच्चे इन सब्जेक्ट में फेल हो गए हैं।
फिलहाल जिले में 20 प्लस टू स्कूल है जहां रसायन ,गणित ,भौतिकी के शिक्षक के पद रिक्त हैं । शिक्षकों के लगभग 70% पद खाली पड़े हुए हैं। जबकि 20 प्लस 2 स्कूलों में शिक्षकों के कुल 220 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इन पर केवल 80 शिक्षक ही है। केवल 80 शिक्षक के भरोसे स्कूल को चलाया जा रहा है । शहर में लगभग सरकारी कॉलेजों में लगभग 12000 विद्यार्थी इंटरमीडिएट की पढ़ाई करते हैं।

इस बार पूर्वी सिंहभूम का रिजल्ट खराब होने के कारण डीईओ ने सभी डिग्री कॉलेजों को आदेश दिया है कि वह 24 घंटे में 3 साल के रिजल्ट को जमा करें। किस स्थिति में रिजल्ट खराब हुई है इसकी समीक्षा की जाएगी और उसके अनुसार उस पर कार्रवाई भी की जाएगी । बता दे कि इस वर्ष पूर्वी सिंहभूम जिले में इंटर कॉलेज का रिजल्ट 42 फ़ीसदी एवं डिग्री कॉलेज जहां इंटर की पढ़ाई होती है का रिजल्ट लगभग 37 फ़ीसदी हुआ है।