कोरोना संक्रमण के कारण राज्य सरकार के आदेश के बाद लॉक डाउन की अवधि में सभी निजी स्कूलों में केवल अभिभावकों से ट्यूशन फीस लेने के लिए कहा गया था बावजूद इसके अब तक आधे से भी ज्यादा अभिभावकों ने स्कूलों का ट्यूशन फीस नहीं दिया है। इसमें से कई अभिभावकों वैसे हैं जिन्होंने अप्रैल से अब तक फीस नहीं दिया है। ऐसे में स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि स्कूल की इनकम बहुत ज्यादा कम हो गई है और फीस की 80% तक की राशि वेतन पर खर्च की जाती थी परंतु स्कूल की इनकम कम होने के कारण शिक्षकों को वेतन देने में काफी मुश्किलें आ रही हैं ।

अब तक शिक्षकों को वेतन स्कूल फंड से मैनेज किया जा रहा था एवं कुछ स्कूलों में वेतन को घटाकर वेतन दिया जा रहा है । स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि अगर ऐसी स्थिति बनी रहती है तो उन्हें ऑनलाइन क्लास बंद करनी पड़ेगी। गौरतलब है कि लॉक डाउन के समय से सभी नीजि स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस चलाई जा रही है।