राज्य में कृषि सेवा में लगभग 30 सालों से कोई भी बहाली नहीं की गई है बता दें कि इसकी अंतिम बहाली 1990 में निकाली गई थी और इसके बाद अब तक इसमें कोई भी बाहाली नहीं निकाली गई है राज्य अधिकारियों की बहाली नहीं होने के कारण कृषि विश्वविद्यालय में हर साल पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के लिए करवाने बाहर भटकना पड़ता है इस जबकि राज्य में दो तिहाई से भी अधिक पद खाली हैं।

विभागीय अधिकारियों का यह कहना है कि 2023-24 तक इसमें 2/3 अधिकारी सेवा से रिटायर हो जाएंगे परंतु अभी झारखंड कृषि सेवा के लिए चिन्हित करीब 300 पदों में से 100 से भी कम पदों पर अधिकारी कार्यरत है बीएयू के साथ-साथ राज्य के 9 कॉलेजों में कृषि सेवा की पढ़ाई हो रही है इन संस्थानों से लगभग 3000 विद्यार्थी पास हुए हैं एवं इसमें से कुछ विद्यार्थी को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है एवं इतने दिनों से कृषि विद्यालयों में कोई भी बहाली ना होने के कारण कृषि विश्वविद्यालय से पढ़े विद्यार्थियों को दर-दर भटकना पड़ रहा है परंतु उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है.