झारखंड के नगर निकाय चुनाव में फिर से पुरानी व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी हुआ है। जिसमें कि नगर पंचायत के अध्यक्ष का चुनाव अर्थात मेयर का चुनाव गैर दलीय आधार पर होगा जबकि डिप्टी मेयर को पार्षद के द्वारा चुना जाएगा। 2011 में झारखंड नगरपालिका अधिनियम में यही व्यवस्था थी परंतु रघुवर दास के कार्यकाल दो हजार अट्ठारह के समय इसमें संशोधन किया गया। फिर से पुरानी व्यवस्था को लागू करने का सबसे बड़ा कारण है यहां की जनता, सरकार नहीं चाहती है की जनता में किसी विशेष के दबदबे का कोई भी संदेश पहुंचे।