मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा चयनित 32,620 विलेज को-ऑर्डिनेटर बेरोजगार हो गए हैं बता दे कि इनकी नियुक्ति 2017 में की गई थी ताकि गांव में यह लोगों के बीच में हथकरघा एवं कुटीर उद्योग के लिए जागरूकता फैला सके। बता दे कि इनकी नियुक्ति चयन बोर्ड द्वारा 1 वर्ष के लिए किया गया था उस समय तत्कालीन सीईओ रेनू गोपीनाथ द्वारा उनकी नियुक्ति की गई थी एवं इसके साथ ही इस में काम के आधार पर मानदेय देने की बात भी कही गई थी ।

बता दे कि इनसे वैसा कोई भी कार्य नहीं लिया गया बल्कि इनसे केवल लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में वॉलिंटियर का काम कराया गया एवं इसके लिए उन्हें केवल ₹200 दिए गए. गुरुवार को को-ऑर्डिनेटर संघ के अध्यक्ष रंजीत प्रसाद राय के नेतृत्व में यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर उन्हें मानदेय भुगतान करने और काम देने की मांग की है। इस मौके पर ओमकार गोस्वामी, प्रमोद कुमार दास, राजेश कुमार दास समेत अन्य लोग उपस्थित थे।