नेपाल के नक्शा विवाद से जुड़ा विधेयक को नेपाली संसद द्वारा वापस ले लिया गया है। बता दें कि इस नक्शे को क़ानूनी वैधता प्राप्त करने के लिए संसद में दो-तिहाई समर्थन की जरूरत थी। प्रधानमंत्री केपी ओली ने इस बात से अवगत कराया था कि इस मामले में कुछ और समय की जरूरत है इसके बाद में नक्शे की मंजूरी के लिए संविधान संशोधन बिल को संसद की कार्यसूची से हटा लिया गया।

परंतु भारत में इस दवा को खारिज किया और कहा कि सड़क पूरी तरह से उसकी सीमा में है एवं नेपाल में पिछले हफ्ते नेपाल का संशोधित राजनीतिक और प्रशासनिक नक्शा जारी किया था जिसमें लिपियांधूरा, लिपुलेख और काला पानी को उसके भूभाग पर दर्शाया गया था जिसके बाद भारत ने नेपाल पर नाराजगी जताई थी। सूत्रों के अनुसार नेपाल पर इस मामले में भारी बहस चल रही है जो यह मुद्दे को गंभीरता को बताता है।