केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज अधिनियम 1954 में संशोधन किया जा रहा है। जिसमें टीवी, पेपर व वेबसाइट पर बीमारियों का झूठा इलाज का दावा करना या चमत्कार के जरिए बीमारी को दूर भगाने की दावा करना महंगा पड़ सकता है। बता दें कि इस संशोधन में कानून के दायरे में होम्योपैथी, एलोपैथिक, आयुर्वेद, यूनानी सभी दवाओं को लाया जाएगा ।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सूचना जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि बावजूद इसके अगर दवाओं को लेकर कोई भ्रमित विज्ञापन देता है तो पहली बार दोषी पाए जाने पर उन्हें 2 साल की सजा एवं ₹1000000 देना पड़ेगा अगर दुबारा कोई ऐसा करता है तो उसे 5 साल की सजा एवं 50 लाख तक का जुर्माना देना पड़ेगा।