झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय के छात्रों को सिक्योरिटी अफसर की नौकरी की बात कह कर उन्हें गार्ड की नौकरी दी गई। बता दे कि गार्ड की नौकरी दिए जाने के मामले में राज्य सरकार ने जांच का आदेश जारी किया है । इसके लिए 3 सदस्य टीम बनाई गई है जो इसकी जांच करेगी बता दें कि विद्यार्थियों ने बताया है कि इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार के साथ धोखाधड़ी करने का मामला sc-st थाना में दर्ज कराया गया है।

विश्वविद्यालय के 2016-17 के पीएच डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी विभाग में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान चेन्नई में सिक्योरिटी अफसर के पद पर चयन किया गया था जिसके बाद इन्हें नौकरी गार्ड की गई बता दें कि इसमें प्रति विद्यार्थियों से ₹30000 ली गई थी । झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की स्थापना 2016 में की गई थी इसका उद्देश्य यह था कि यह विद्यार्थियों को विशेष शिक्षा देकर इस कुशल बनाना और उन्हें राज्य के बाहर तत्काल नौकरी देना था । इसमें 40-40 सीटें निर्धारित की गई थी.