हाल ही में गुजरात को स्वच्छ भारत पुरस्कार 2020 मे पहला स्थान प्राप्त हुआ है। और इसके साथ ही सुजलाम सुफलाम जल संचय अभियान को मंजूरी दी गई है और इस योजना में बाँध और नदियों की गहराइयों का पता लगाया जाएगा। इस अभियान को 10 जून 2020 तक मनरेगा के अनुसार पूरा जाएगा। इस योजना की शुरुआत 2018 मे हलके मानसून के बाद शुरू किया गया था यह मानसून से पहले राज्य में जल निकालने के स्थान को गहरा करके जल बचत की एक योजना है । गुजरात के पुलिस को टेसर गन उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य माना गया है ताकि वहां की पुलिस नागरिकों को सुरक्षित रखें और इसलिए राज्य सरकार के पुलिस आधुनिकरण अभियान के तहत टेसर गन से लैस किया गया है और इस गन को लाठी और बंदूकों में से कोई एक विकल्प के जगह उपयोग किया जाता है और इस गन का प्रयोग यूके, मेट्रोपॉलिटन पुलिस ,लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग, और न्यूयॉर्क पुलिस विभाग जैसे एजेंसियों ने भी किया है। गुजरात को देशभर में सोलर रूफटॉप स्थापित करने में पहला स्थान दिया गया है और छत पर सोलर पैनल लगाने के मामले में 64% सौर रूफटॉप स्थापित करने के साथ छत पर सौर पैनल लगाने वाले राज्यों की सूची में पहला स्थान प्राप्त किया है।
इसकी भाषा है गुजराती जो कि हिंदी आर्य भाषा है भारत के 22 प्रमुख व आधिकारिक भाषाओं में से एक है यह भारत में सबसे अधिक गुजरात मे बोला जाता है। यह भाषा देवनागरी लिपि की तरह ही लिखी जाती है इस भाषा का जन्म संस्कृत भाषा से हुआ है और इस भाषा का प्रयोग राज्य और विदेशों में भी होता है जिनमे पाकिस्तान , अमेरिका, केन्या सिंगापुर , अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया देश शामिल है और भारत के प्रधानमंत्री जो कि गुजरात के वडनगर के रहने वाले हैं और उनकी मातृभाषा भी गुजराती हैं। गुजरात भारत के पश्चिम भाग में स्थित एक राज्य है। गुजरात अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक महत्व, हस्तशिल्प और पर्यटन आकर्षणों के लिए जाना जाता है। लोथल, जो अहमदाबाद और ढोलावीरा के समीप है उसके पास कच्छ के करीब ही हड़प्पा संस्कृति के निशान पाये जाते हैं, जो लगभग चार हजार साल पुराने हैं। गुजरात पैर रखने वाले कुओं, जैन मंदिरों, एशियाई शेरों और व्यापारी लोगों के लिए जाना जाता है। आधुनिक परिवेश और सदियों पुरानी परंपराओं का मेल गुजरात में देखने को मिलता है।
गुजरात की स्थापना 1 मई 1960 को हुई थी. गुजरात की राजधानी गांधीनगर है और यहाँ का सबसे बड़ा नगर अहमदाबाद है. महात्मा गांधी का जन्म स्थान गुजरात ही हैं. गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थल सतपुड़ा की पहाड़ियाँ, मांडवी बीच, सोमनाथ मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, मोधेरा का सूर्य मंदिर, तथा कच्छ तथा भुज है.उत्तर गुजरात राजस्थान से सटा इलाका, पालनपुर और महेसाणा जैसे शहर।मध्य गुजरात
राजधानी गांधीनगर और आर्थिक राजधानी अहमदाबाद।दक्षिण गुजरात, सतपुड़ा की पहाड़ियाँ यहाँ से पूर्व की ओर आरंभ होती हैं, सूरत और वलसाड जैसे शहर।सौराष्ट्र दक्षिणी प्रायदीप, जामनगर, द्वारका, जूनागढ़ और राजकोट जैसे स्थान।कच्छ उत्तरी प्रायद्वीप, कच्छ का रन दर्शनीय, भुज शहर।

गुजरात के इतिहास मे पाषाण युग के बस्तियों के साथ शुरू हुआ, इसके बाद चोलकोथिक और कांस्य युग के बस्तियों जैसे सिंधु घाटी सभ्यता।गुजरात प्रदेश के पश्चिम में विशाल सागर तट है। इस तट पर आकर जो लोग बसे उनके आदि पुरुष अफ्रीका के पूर्वी किनारे से आए होंगे, ऐसा लोगों का मानना है। इस अनुमान का आधार यह है कि जब हिमालय का सृजन हुआ, उस दौरान भारत के पश्चिमी भाग से अफ्रीका का भू-खंड अलग हो गया। इस भौगोलिक नवसृजन की प्रक्रिया को ध्यान में रखा जाए तो इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि आदिमानव समूह, जो अफ्रीका में बसता था ओर वही वर्तमान सौराष्ट्र कहे जाने वाले भू-भाग में भी बसा हुआ था। नक्शे को ध्यान से देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि ये दोनों भू-खंड एक दूसरे से अलग हुए हैं और उनके बीच का भाग अरब सागर बना है विश्व में सिंहों की आबादी गुजरात के सौराष्ट्र स्थित गिर के जंगल और अफ्रीका के जंगल-केवल इन दो जगहों में ही पाई जाती है। इन दोनों—अफ्रीका के सिंह और गिरि के भारतीय सिंह में जो अंतर है, वह पर्यावरण की भिन्नता के साथ सामंजस्य बैठाने के कारण है आया है गुजरात का इतिहास ईसवी पूर्व लगभग 2,000 साल पुराना है। यह भी माना जाता है कि भगवान कृष्ण मथुरा छोड़कर सौराष्ट्र के पश्चिमी तट पर जा बसे, जो द्वारका यानी प्रवेशद्वार कहलाया। बाद के वर्षों में मौर्य, गुप्त, प्रतिहार तथा अन्य अनेक राजवंशों ने इस प्रदेश पर राज किया। चालुक्य (सोलंकी) राजाओं का शासनकाल गुजरात में प्रगति और समृद्धि का युग था। महमूद गजनवी की लूटपाट के बावजूद चालुक्य राजाओं ने यहां के लोगों की समृद्धि और भलाई का पूरा ध्यान रखा। इस गौरवपूर्ण काल के पश्चात गुजरात को मुसलमानों, मराठों और ब्रिटिश शासन के दौरान बुरे दिन देखने पड़े। आजादी से पहले गुजरात का वर्तमान क्षेत्र मुख्य रूप से दो भागों में बंटा था- एक ब्रिटिश क्षेत्र और दूसरा देसी रियासतें। राज्यों के पुनर्गठन के कारण सौराष्ट्र के राज्यों और कच्छ के केंद्रशासित प्रदेश के साथ पूर्व ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी बंबई राज्य का गठन हुआ। पहली मई, 1960 को वर्तमान गुजरात राज्य अस्तित्व में आया। गुजरात भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है। इसके पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में पाकिस्तान तथा: उत्तर-पूर्व में राजस्थान, दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश और दक्षिण में महाराष्ट्र है।
गुजरात को कृषि के क्षेत्र में कपास, तंबाकू और मूंगफली का उत्पादन करने वाला देश का प्रमुख राज्य माना गया है तथा यह कपड़ा, तेल और साबुन जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराता है। यहां की अन्य महत्वपूर्ण नकदी फसलें हैं- इसबगोल, धान, गेहूं और बाजरा। गुजरात में वनों में उपलब्ध वृक्षों की जातियां हैं- सागौन, खैर, हलदरियो, सादाद और बांस।
गुजरात के उद्योग में वर्तमान मे धीरे धीरे काफी बदलाव हुए हैं। और साथ ही साथ रसायन पेट्रो रसायन उर्वरक इंजीनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स आदि के उद्योगों मे निरंतर विकास रहा है।2004 के समाप्त होते ही राज्य में रजिस्ट्री फैक्ट्रियों की संख्या 21,536 (अस्थाई) थी जिनमें औसतन 9.27 लाख दैनिक मजदूरों को रोजगार मिला हुआ था। मार्च 2005 तक राज्य मे 2.99 लाख लघु औद्योगिक इकाइयों कब पंजीकरण हो चुका था औद्योगिक विकास निगम को अच्छी सुविधाओं के साथ औद्योगिक संपदा ओं के विकास की भूमिका सौंपी गई है आज तक गुजरात के औद्योगिक विकास निगम ने 237 औद्योगिक संपदा स्थापित की थी। वस्त्र रासायनिक पेट्रो रसायन दवाई रंग उर्वरक सीमेंट दुग्ध उत्पाद चीनी इंजीनियरिंग प्रमाण कागज नमक आदि गुजरात का सबसे महत्वपूर्ण उद्योग सूती वस्त्र हैं भारत का मेनचेस्टर अहमदाबाद टू कहा जाता है।
व्यापार की दृष्टि से समुद्र तटवर्ती इस प्रदेश का बहुत महत्व है। प्रदेश में कुल 40 बन्दरगाह हैं, जिनमें कांडला जैसी नवनिर्मित और विकसित बन्दगाह भी शामिल है।
ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन बसर करने वाले व्यक्तियों का प्रतिशत (1999-2000) -14.07 प्रतिशत। और इसके साथ ही गुजरात को भौगोलिक, सांस्कृतिक या ऐतिहासिक मानदंडों के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित किया गया है- उत्तर से दक्षिण तक चलने वाला एक औद्योगिक गलियारा, सौराष्ट्र और कच्छ के रूप में जाना जाता एक प्रायद्वीप, जो कुछ हद तक एक रेगिस्तान है और थोड़ा मार्शलैंड है गुजरात के लंबे समुद्र तट ने व्यापार उद्देश्य के लिए कई वर्षों से कई विदेशी आक्रमणकारियों और नाविकों को लुभाया है। अरब, पुर्तगाली, डच और साथ ही पारसी अपने मूल ईरान से भाग रहे हैं, ने गुजरात की संस्कृति पर अपना निशान छोड़ा है। जैसे कि विरासत मे झरने से लेकर आयुर्वेद तक के लिए साहसिक, गुजरात के जीवंत दृष्टिकोण और सांस्कृतिक विविधता पूरे साल लाखों पर्यटक के मन को आकर्षित करती हैं। परंपरा और आधुनिक दृष्टिकोण का एक सुंदर मिश्रण के साथ, गुजरात छुट्टियों के मौसम के लिए एक घूमने के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।
अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत के कारण, गुजरात में कई दीर्घाओं और संग्रहालय हैं और इसके अलावा अहमदाबाद में केलिको म्यूजियम ऑफ टेक्सटाइल्स है। वस्त्रों के कैलिको संग्रहालय में प्रदर्शनी महान कल्पना के साथ प्रदर्शित की जाती है, और प्रत्येक गैलरी एक क्षेत्र, एक आदिवासी समूह या एक धार्मिक संप्रदाय के शिल्प प्रस्तुत करता है। गुजरात में दीर्घाओं, वड़ोदरा में बड़ौदा संग्रहालय और आर्ट गैलरी के साथ आगे बढ़ते हुए, यूरोपीय तेल चित्रों, लघु और अन्य कलाकृतियों को देखने के लिए एक अद्भुत जगह है। जो लोग गुजरात के वाइब्स को महसूस करना चाहते हैं उन्हें इन जीवंत और रंगीन संग्रहालयों और कला दीर्घाओं का दौरा करना चाहिए।