झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में छठी जेपीएससी का परिणाम 3 साल के बाद जारी किया गया है परंतु 3 साल के बाद भी इसे बिना किसी आरक्षण नीति की ही जारी करने की तैयारी की जा रही है.बता दें कि अभ्यर्थी हेमंत सरकार से उम्मीद लगा रही है कि सरकार उनके लिए कुछ करें . गौरतलब है कि अभ्यर्थियों की लगातार मांग रही है की छठी जेपीएससी की परीक्षा को रद्द कर दिया जाए.

बता दें कि आंदोलन कर रहे विद्यार्थी अनिल पन्ना ने बातचीत के क्रम में बताया कि आरक्षण नीति का पालन केवल चार जेपीएससी परीक्षा में किया गया है लेकिन पांचवी परीक्षा में इस नीति का कोई भी पालन नहीं किया गया है इसके प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण के नियमावली को अनदेखी करने के बाद यह विवाद खड़ा हुआ है बता दे कि छठी जेपीएससी का संशोधित कर तीन बार पीटी का रिजल्ट जारी किया जा चुका है। जिसमें पहली बार में 5138 विद्यार्थी दूसरी बार में 6103 अभ्यर्थी और तीसरी बार में 34000 अभ्यर्थी को सफल घोषित किया है.