झारखंड की राजनीति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है पहले तो भारतीय जनता पार्टी को अनुशासन की पार्टी कहा जाता था लेकिन पिछले कुछ महीनों से लगातार भारतीय जनता पार्टी के ही विधायक बागी हो चुके और वह अलग अलग पार्टी के कैंडिडेट को अंदरूनी रूप से समर्थन भी दे रहे हैं,

वही टिकट न मिलने से नाराज बीजेपी के कई कद्दावर नेता और पूर्व विधायक दोनों मैदान में उतर चुके हैं, चुनाव अभी समाप्त भी नहीं हुआ है इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन कमेटी ने एक कार्यवाही करके अर्जुन मुंडा के करीबी अमरप्रीत सिंह काले सहित कई नेताओं पर गाज गिरा दी है,

भाई दूसरी और जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा में मुख्यमंत्री के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री सरयू राय को भी भारतीय जनता पार्टी ने 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है,, या कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब भारतीय जनता पार्टी के बारे में राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है उसकी सीटें कम हो सकती है,

सूत्र यह भी बताते हैं कि अगर भारतीय जनता पार्टी की सीट कम हो जाती है ऐसे में किसी दूसरी पार्टी का गठबंधन में सरकार बनाने में हो सकता है कि अर्जुन मुंडा को बीजेपी आगे करें, अगर अर्जुन मुंडा के करीबियों को पहले ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा तो फिर बाद में किसी दूसरे के नाम पर विचार नहीं होगा.