बता दें कि जो लोग झारखंड में सचिव स्तर के जॉब छोड़ कर केंद्र में पदस्थापित हैं वे लोग दोबारा झारखंड में नहीं आना चाहते । झारखंड के 5 अधिकारी आते हैं जो केंद्र के पद पर पदस्थापित हैं जिसमें पहला नाम आयुक्त रह चुके अमित खरे का है वर्तमान में वे केंद्र सरकार के मानव संसाधन सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

दूसरा नाम राज्य के मुख्य सचिव रह चुके राजीव गौबा का है जो भारत सरकार के कैबिनेट सचिव है और 21 अगस्त को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तीसरा नाम झारखंड कैडर के मुख्य सचिव अधिकारी एनएन सिन्हा गृह मंत्रालय में बॉर्डर मैनेजमेंट के सचिव के पद पर पदस्थापित हैं निधि खरे,एसएस मीणा, अलका तिवारी आदि नाम शामिल है जो राज्य में लौटने के इच्छुक नहीं है।