गौरतलब है कि भारत व चीन सीमा पर चल रहे विवाद के कारण सरकार आत्मनिर्भर भारत योजना पर कार्य कर रही है एवं इसके साथ ही वोकल फॉर लोकल पर भी काम कर रही हैं बता दें कि चीनी कंपनियों के आयात को कम करने व चीनी कंपनियों के निवेश को रोकने के साथ भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दी जा रही है।
इस क्रम में सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए पॉलिसी बनाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार सरकार ऐसे नियम बनाने पर जोर दे रही है जिससे देश के स्टार्टअप्स को फायदा मिल सके एवं उपभोक्ताओं के डाटा का संचालन किस प्रकार से हो रहा है इस पर भी पूरा ध्यान दे रही है सरकार द्वारा ई-कॉमर्स को लेकर अब तक कोई मजबूत कानून नहीं बनाई गयी थी ।

इसके तहत उपभोक्ताओं के हित का ख्याल रखा जाएगा एवं कंपनियों को यह बताना अनिवार्य होगा कि बेचने वाला कौन है एवं उसके संपर्क, नंबर, ईमेल आदि सभी जानकारियां ग्राहक के साथ साझा करना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि वैश्विक कंपनियां जैसे फ्लिपकार्ट गूगल अमेज़न फेसबुक एक के बढ़ते वर्चस्व को कम करने के लिए सरकार इस पॉलिसी पर पिछले 2 वर्षों से कार्य कर रही है एवं रिपोर्ट के अनुसार सरकार एक ई-कॉमर्स रेगुलेटर बनाएगी यह रेगुलेटर यह सुनिश्चित करेगा कि पूरी इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बनी रहे एवं संचार सूचनाओं का आदान-प्रदान सुचारूर रूप से हो सके।