अब देश के सभी सहकारी बैंकों का नियमन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया करेगी। बता दे कि मंत्रिमंडल बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि इसके लिए जरूरी विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी बैंकों का पदाधिकारी बनने के लिए भी एक न्यूनतम अहर्ता तय होगी जिसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी व शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता होगी।

ऋण माफी के लिए भी अब सरकारी बैंकों को आरबीआई के दिशा निर्देश का पालन करना होगा। बता दें कि देशभर में 1540 सहकारी बैंक 8 करोड़ 40 लाख जमा है। आरबीआई के दायरे में आने के बाद ₹500000 तक की मिल सकेगी।