मालूम हो कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) हमेशा विवादों में घिरी रहती है। जेपीएससी मेंस का रिजल्ट आने के बाद फिर से वह एक बार विवादों में घिर गई है। बता दे कि बिना आरक्षण के जेपीएससी द्वारा यह रिजल्ट जारी किया गया है जिसे छात्रों ने गलत बताया है। छात्रों ने जेपीएससी पर यह आरोप लगाया है कि आरक्षण दिए बिना ही जेपीएससी ने अपना रिजल्ट घोषित कर दिया है।

जो झारखंडी अभ्यर्थियों के साथ धोखा है। छात्रों का कहना है कि वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि वह सरकार में आते ही सबसे पहले छठी जेपीएससी को रद्द करेंगे क्योंकि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितता को बढ़ावा दे रही है। छात्रों ने कहा बावजूद इसके अगर छठी जेपीएससी को रद्द नहीं किया तो वे आंदोलन करेंगे।