12 सुत्री मांग को लेकर बैंकों में 31 जनवरी व 1 फरवरी को हड़ताल की गई जिसमें सभी बैंकों में कार्य बाधित हुई बता दें कि इसके लिए इंडियन बैंक एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया गया है झारखंड के महासचिव सुनिल लकड़ा ने कहा है कि उन लोगों को 2 दिनों के लिए हड़ताल के लिए मजबूर किया गया था क्योंकि उनका वेतन संशोधन मांग को नहीं सुना जा रहा है ।

बता दें कि हड़ताल से करीब ₹ 1 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है जिससे लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा लगभग 70% एटीएम में कैश की किल्लत रही । गौरतलब है बैंक कर्मचारियों ने कहा है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे 11मार्च से लेकर 13 मार्च तक हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।