सोमवार को पारा शिक्षकों की सेवा नियमितीकरण का वेतन को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई हुई इसमें एकता रंजीत जस्टिस डॉ रवि रंजन जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में यह सुनवाई की गई जिसमें सरकार से सवाल किया गया कि पारा शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन क्यों नहीं दिया जाता है ? सरकार को इसका जवाब दायर करने की बात भी कही है। इसकी अगली सुनवाई 17 फरवरी को की जाएगी ।

बता दें कि इसमें प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुमित गाडोदिया ने अपना पक्ष रखा जिसमें कहा कि पारा शिक्षक समान काम के लिए सामान वेतन के हकदार है परंतु फिर भी इन्हें समान वेतन नहीं दिया जाता है। बता दें कि राज्य सरकार की सेवा नियमितीकरण एवं नियमावली भी बनाई गई है जिसमें सेवा नियमित करते हुए सरकार को वेतन देने के लिए उचित आग्रह किया गया है। बता दें कि इस सुनवाई में पारा शिक्षक दिनेश कुमार साव, रूपेश कुमार सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।