तालिबान को बदलनी पड़ सकती है रूढ़िवादी सोच.
अफगानिस्तान में एकमात्र भारतीय व्यवसाय है. क्योंकि वहां भारत की उपस्थिति ज्यादातर परियोजनाओं के वित्तपोषण एवं आर्थिक मदद तक ही सीमित है. अफगानिस्तान में मौजूदा हालात और भविष्य गंभीर दिख रही है. अफगानिस्तान के भारतीयों को हवाई अड्डा तक पहुंचने से भी रोका जा रहा है हालात बहुत गंभीर होते जा रही है अफगानिस्तान की कानून व्यवस्था अब ठीक हो पाएगी. अब लेकिन तालिबान हालात ठीक करने में लगा हुआ है उसे और अभी वक्त लगेगा ठीक करने में. अब अफगानिस्तान का इतिहास बताता है कि आसपास के देश यहां अहम भूमिका रही है इसलिए प्रतिरोध और मुखर होने के लिए बाहरी देश से मजबूत समर्थन की जरूरत होगी.