राज्य में अब तक के सबसे बडे साइबर अपराध करने वाले गिरोह को धनबाद के झरिया से पकड़ा गया है। यह गिरोह कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी लोगों को निशाना बनाता था। यह हर महीने इंडियन करेंसी में लगभग ₹2500000 कमाता था , जबकि विदेशी नागरिकों से यह ऑनलाइन डॉलर की ठगी करता था। यह करीब 8 महीने से झरिया में अपराध कर रहा था।

पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड विक्रांत और ज्वाला सिंह के अलावा उनके दो सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है । पुलिस ने 29 लोगों को हिरासत में लिया है और उसकी पूछताछ कर रही है बता दें कि विक्रांत सिंह व ज्वाला सिंह दोनों झरिया के ही रहने वाले हैं ।

पूर्व में यह दोनों कोलकाता के एक कॉल सेंटर में काम करते थे यहीं से उन्होंने साइबर क्राइम की ट्रिक सीखी और इसके बाद दोनों धनबाद में बैंक मोड़ के पता पर एक कॉल सेंटर खोला । बता दें कि विक्रांत और ज्वाला की टीम ज्यादातर अमेरिकी नागरिक को ही निशाना बनाती थी

इन नागरिकों को फंसाने के लिए अच्छे ढंग से अमेरिकन इंग्लिश बोलने वाले लोगों की टीम को कोलकाता से लाया गया था। बता दे कि जांच में यह पता चला है कि यह गिरोह अमेरिका की एक एजेंसी से 500 से $1000 वहां के लोगों से लेता था। यहलबुजुर्ग पुरुष या महिलाओं को चिन्हित करता था उसके बाद उन्हें इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पांस सिस्टम के जरिए कस्टमर केयर जैसे नंबर से मैसेज भेजा था मैसेज में उन्हें बताया जाता था कि आपका सब्सक्रिप्शन समाप्त हो रहा है

आप पैसा जमा नहीं करेंगे आपका पैसा कट जाएगा मैसेज के जरिए लोगों को टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराते थे जो देखने में अमेरिकन ही लगता था और जब ग्राहक उस नंबर पर कॉल करते तो उसके वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल सॉफ्टवेयर के जरिए लोगों के कॉल को झरिया स्थित अपने कॉल सेंटर में लगे नंबर से कनेक्ट करा देते थे और ग्राहकों की स्क्रीनिंग को ऑनलाइन हैक कर लिया जाता था। ग्राहक को यह लोग बताते थे कि उनको $200 भेजे जा रहे हैं लेकिन पैसा अकाउंट में जाता नहीं था फिर उनके नंबर पर कॉल सेंटर से फोन कर ग्राहकों को धमकाया जाता था कि आपके अकाउंट में 500 से $1000 ज्यादा चले गए हैं आप वह पैसा लौटा दे नहीं तो पुलिस केस होगा ।

ग्राहक से डॉलर के जरिए पैसे लिए जाते थे और फिर उसे इंडियन करेंसी में कन्वर्ट करा लिया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस धंधे में बड़ा गिरोह शामिल है आगे की जांच जारी है इससे और भी खुलासा हो सकता है।