शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के इंतजार में राज्य में लगभग 8000 पारा शिक्षकों को 3 महीने से उनका वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। बता दे की ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बनाने वाले पारा शिक्षकों को जुलाई ,अगस्त और सितंबर माह का वेतन नहीं दिया गया है।

इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा था और उन्हें ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बनाने वाले शिक्षकों की जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही थी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पहले 30 नवंबर तक जानकारी देने को कहा गया था इसके बाद इसकी तिथि बढ़ाकर 18 दिसंबर कर दी गई।

परंतु एक भी जिला ने अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है जबकि इस संबंध में जिलों को दो बार पत्र भेजा जा चुका है। बता दें कि राज्य में शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए विद्यालय को टैब भी दिया गया है ।

पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा में पारा शिक्षक के मानदेय की भुगतान की मांग की थी मोर्चा की ओर से भविष्य में सभी पारा शिक्षक द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति बनाने का आश्वासन भी दिया गया था परंतु उसके बाद भी कुछ पारा शिक्षकों ने ऑनलाइन उपस्थिति नहीं बनाई थी। दूसरी ओर सभी पारा शिक्षक को अक्टूबर से नवंबर माह का मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।

एकीकृत पारा शिक्षक संघ मोर्चा के संजय दुबे ने कहा कि पूरे वर्ष कभी भी पारा शिक्षकों को नियमित वेतन का भुगतान नहीं किया गया है सभी पारा शिक्षकों के अक्टूबर-नवंबर का मानदेय बकाया है। बता दें कि गैर सरकारी, प्राथमिक, मध्य विद्यालय में शिक्षकों के वेतन का भुगतान नहीं दिया गया हैं।

निदेशालय को जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा समय पर उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं भेजने के कारण राशि आवंटन में विलंब हुआ है वह 2 दिसंबर को राशि आवंटित होने के बावजूद अब तक डीएसइ कार्यालय द्वारा वेतन भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। वेतन भुगतान के लिए कुल 79 करोड़ 65 लाख 60हजार रुपए का आवंटन भेजा गया है।