रसायन विज्ञान के लिए मिला नोबेल पुरस्कार # चीन में अब ब्यूबोनिक प्लेग का बढा खतरा(International current affairs)

Share The News

Q. रसायन विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार किसे और किस वर्ष मिला है? Ans-रसायन विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार 1901
और 2020 के बीच 112 बार प्रदान किया गया है जिनमें लगभग 185 व्यक्तियों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं। रसायन विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्कार 2020 को जिनोम एडिटिंग के लिए एक पद्धति का विकास इमैनुएल चार्पटियर और जेनिफर ए. डूडना को दिया गया है। इन वैज्ञानिकों ने जिन एडिटिंग तकनीक विकसित की है जिसमेंCRISPR Càs9 “स्निपिंग सिजर्स’ कहा जाता है। CRISPR-cas9 clustered regularly interspaced short palindromic repeats CRISPR associated protein 9है। इसका उपयोग जेनेटिक कोड को बदलने या विशेष स्थानों पर डी एन ए को संपादित करने के लिए किया जाता है।क्या बात होगी की चीजों को संपादित करने के लिए सरल है या शोधकर्ताओं को जीत फंक्शन को संशोधित करने की अनुमति देता है।जीन में एक व्यक्ति को परिभाषित करने वाली जैव जानकारी होती है। शारीरिक गुण को जैसे की त्वचा का रंग, उंचाई, बालों का रंग और अन्य व्यवहार संबंधि लक्षण जीन में कूटबद्व होते हैं। इन जैव सूचनाओं को बदलने की इस पद्वति को जीन एडिटिंग कहा सकता है। इसका कार्य डीएनए स्टैंड परऔर पेस्ट मैकेनिक के रूप में काम करता है जेनेटिक कोड को बदलने की जरूरत है उनकी पहचान की जाती है।cas9 प्रोटीन का उपयोग कैंची की एक जोड़ी के रूप में स्टैंड से एक हिस्से को काटने के लिए किया जाता है। इस तरह छतिग्रस्त डी एन ए हटाया जा सकता है और यह मानव शरीर को स्वस्थ अवस्था में लाने में मदद करता है। इसका उपयोग भूण में बीमारी पैदा करने वाली जीन को संशोधित करने के लिए किया जाता है।


Q. चीन में अब ब्यूबोनिक प्लेग का खतरा बढ़ गया है और यह कैसे फैलता है?
Ans-चीन में कोरोनावायरस जो वुहान सिटी से फैलने वाली एक कोरोनावायरस के बाद अब ब्यूबोनिक प्लेग फैल गया है। इससे देश की धरती पर सभी से में आपातकाल लगा दिया गया है।चीन के यून्नान प्रांत के मेंघाईं काउंटी का रहने वाला 3 वर्ष का बच्चा का मामला सामने आया है। जिसके कारण चीनी प्रशासन ने इलाके में जाते रस्ते का आपातकालीन घोषित कर दिया है जिससे कि कोरोनावायरस की तरह एक और महामारी ना फैले।ब्यूबोनिक प्लेग को ब्लैक डेथ के नाम से भी जाना जाता है। एंटीबायोटिक दवाओं की उपलब्धता के साथ बीमारी का अब काफी हद तक इलाज हो सकता है। यह बीमारी पूरी दुनिया में लाखों लोगों को मारा है या पहली बार करोड़ों में जान ली है इसलिए इसे ब्लैक डेथ के नाम से जाना जाता है। डब्लू एच ओ के अनुसार,ब्यूबोनिक प्लेग के लक्षणों में अचानक बुखार आना, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी उल्टी और मचली जैसे लक्षण शामिल है इससे शरीर में कई जगहों पर सूजन आ जाती है। यह ब्यूबोनिक प्लेग अत्यधिक संक्रामक और घातक बीमारी है जो ज्यादातर रोडेंट्स से फैलता है या बीमारी बैक्टीरिया या यसिनिया पेस्टिस के कारण होती है। जो आमतौर पर छोटे स्तनधारियों और उनके पिस्सू में पाए जाने वाले एक जूनोटिक जीवाणु होते।


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *