विश्व डाक दिवस#हेपेटाइटिस सी विषाणु की खोज के लिए तीन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला#भारत सरकार की योजनाओं में इंडिया पोस्ट की भूमिका (International current affairs)

Share The News

हेपेटाइटिस सी विषाणु की खोज के लिए तीन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार मिला। अमेरिकी वैज्ञानिक हार्वे जे आल्टर और चार्ल्स एम राइस तथा ब्रिटिश वैज्ञानिक माइकल हाफटन को हेपेटाइटिस सी वायरस की खोज के लिए सोमवार को चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।नोबेल पुरस्कार समिति ने सोमवार को स्टॉकहोम में इसकी घोषणा करते हुए कहा है कि तीनों वैज्ञानिकों ने अनुसंधान में रक्त से होने वाले हेपेटाइटिस संक्रमण के प्रमुख स्रोत का पता चला जिसके बारे में पहले खोजे गए हेपेटाइटिस ए और बी विषाणुओं द्वारा पता नहीं चल सका था। समिति ने कहा है कि 1970 और 1980 के दशकों में किए गए उनके अनुसंधान कार्य में लाखों लोगों की जान बचाने में मदद मिली थी।नोबेल समिति के अनुसार उनकी खोज का परिणाम यह है कि आज विषाणु के लिए अत्यंत सटीक परिणाम देने वाली खून जांच उपलब्ध है और इससे दुनिया भर में अनेक हिस्सों में रक्त चढ़ाने के कारण हेपिटाइटिस संक्रमण को रोका जा सकता है और वैश्विक रूप से स्वास्थ्य संबंधी व्यापक सुधार हुआ है।उसने यह भी कहा कि ‘उनकी खोज से हेपेटाइटिस सी के लिए एंटीवायरल दवा के त्वरित विकास की दिशा में भी काम हुआ है इतिहास में पहली बार आप और रोग का उपचार किया जा सकता है जिससे दुनिया भर से हेपेटाइटिस सी वायरस के उन्मूलन की उम्मीदें बढ़ी है।’।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आकलन के अनुसार(who)दुनिया भर में हेपेटाइटिस के साथ करोड़ो से अधिक मामले हैं और हर साल इससे 400000 से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है यह बीमारी गंभीर है और इससे यकृत कैंसर और सिरोसिस हो सकता है जिसमें यकृत प्रत्यारोपण करना जरूरी हो जाता है। इस साल कोरोनावायरस के महामारी कारण,चिकित्सा क्षेत्र के पुरस्कार का विशेष महत्व है जिसके कारण दुनियाभर के समाज और अर्थव्यवस्थाओं के लिए चिकित्सा अनुसंधान की अहमियत को रेखांकित किया गया है। नोबेल समिति के सदस्य पैट्रिक एंर्नफोर्स ने,इस साल के पुरस्कार और कोरोनावायरस से लड़ने के लिए दुनिया भर में लाखों वैज्ञानिकों के प्रयासों के बीच कड़ी जोड़ने का प्रयास किया है। सबसे पहली चीज तो यह है कि वायरस की पहचान करनी होती है और ऐसा हो जाता है तो यह अपने आप में बीमारी के इलाज के लिए दवा के विकास तथा टीकेके के विकास के लिए भी शुरुआती बिंदु होती है और ऐसा हो जाता है की हेपेटाइटिस ए जहां खान-पान या पानी से फैलता हैऔर इससे होने वाला गंभीर संक्रमण 4 सप्ताह तक चल सकता है वही हेपेटाइटिस बी और सी का संक्रमण रक्त से होता है। नोबेल समिति के सदस्य नील्स-गोरन लार्सन ने कहा है कि “हेपेटाइटिस सी विषाणु की खोज से पहले खून चढ़ाना रूसी डोले गेम की तरह होता है”रूसी डोले एक घटक खेल है जिसमें एक खिलाड़ी रिवाल्वर में एक चक्कर लगाता है और सिलेंडर को घुमाता है।हथियार की नली को अपने सिर पर रखता है और ट्रिगर को इस उम्मीद में खींचता है कि लोड किया गया चेंबर, चोट करने वाले प्राथमिक तंत्र और बैरल के सीधे में नहीं आए। प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार में स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनोर यानी अमेरिकी डॉलर से अधिक की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है पुरस्कार की शुरुआत 124 साल पहले स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी।


विश्व डाक दिवस:-विश्व डाक दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1874 में स्वीट्जरलैंड के बर्न में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना की याद में मनाया जाता है। 1969 में जापान के टोक्यो में आयोजित यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। भारतीय दल के सदस्य आनंद मोहन नरूला ने इसके लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।9 अक्टूबर को विश्व भर में डाक की माता को हाईलाइट करने के लिए “विश्व डाक दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन संयुक्त राष्ट्र की स्पेशलाइज्ड एजेंसी है यह सदस्य देशों में डाक नीतियों के समन्वय का कार्य करती है। इसकी स्थापना 1874 में की गई थी। या सबसे दूसरा पुराना अंतरराष्ट्रीय विश्वव्यापी संगठन है विश्व का सबसे पुराना अंतरराष्ट्रीय वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU)है।ITU की स्थापना 1865 में की गई थी। वर्तमान में यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के 192 देश सदस्य हैं यह एजेंसी अंतरराष्ट्रीय मेल एक्सचेंज के लिए नियमों का निर्माण करती है तथा द्वितीय तथा पार्षद सेवाओं की वृद्धि के लिए अनुशंसा प्रस्तुत करती है।

भारत में डाक प्रणाली को चलाने वाले इंडिया पोस्ट की स्थापना 1766 में लॉर्ड क्लाइव द्वारा की गई थी।यह संचार मंत्रालय के अधीन काम करती है या दुनिया में व्यापक रूप से वितरित नेटवर्क में से एक है इंडिया पोस्ट को चीफ पोस्ट मास्टर की अध्यक्षता में 23 पोस्टल सर्कल में विभाजित किया गया है।

भारत सरकार की योजनाओं में इंडिया पोस्ट की भूमिका रही है।इंडिया पोस्ट डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा के अंतर्गत जीवन बीमा कवर प्रदान करता है या खुदरा सेवाओं जैसे फार्म की बिक्री और बिल संग्रह की सुविधा प्रदान करता है यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी योजनाओं के तहत मजदूरी के निर्वहन और वृद्धावस्था पेंशन भुगतान जैसी सेवाओं के निर्वहन में भारत सरकार के एजेंट के रूप में काम करती है।


Share The News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *