शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा मिलने के कारण निदेशालय ने सख्त कार्रवाई की है इसमें से गुरुवार को 15 प्राइमरी सहायक शिक्षकों की नियुक्ति रद्द कर दी है.

निदेशालय ने डीएसएसएसबी( दिल्ली अधीनस्थ शिक्षा चयन बोर्ड )के सूचना पर यह कार्रवाई की है. परीक्षा नवंबर 2018 में परीक्षा आयोजित की गई थी इसमें सफल विद्यार्थियों को इस वर्ष जून में नियुक्ति देने के साथ-साथ अक्टूबर में स्कूल आवंटित किए गए थे हालांकि डीएसएसबी ने नियुक्ति के बाद की जांच में 15 अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक द्वारा फर्जीवाड़ा की बात कही है

इनका कहना है कि इन 15 शिक्षकों की जगह अन्य लोग परीक्षा में बैठे थे शिक्षा निदेशालय ने इस वर्ष 7000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की है इनमें यह 15 अभ्यर्थी भी शामिल है बाहर किए गए 15 शिक्षको ने पढ़ाना शुरू कर दिया था इनमें से 3 शिक्षक 2 महीने से अधिक समय से स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं जबकि 8 शिक्षक 1 महीने से अधिक समय से स्कूल में पढ़ा रहे हैं.