शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए एक अच्छी शुरुआत की है जिसके तहत उन्होंने बताया है कि इसमें शिक्षकों को दिए जा रहे हैं गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाएगा ताकि वह बच्चों को अच्छे से शिक्षा देख सके । इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के 35000 स्कूल है जहां पर केवल 500 प्रिंसिपल ही है। विभाग को बाकी सभी स्कूलों में प्रिंसिपल नियुक्ति करने के लिए कहा गया है।

बता दे कि उन्होंने पारा शिक्षकों को भी हक दिलाने के लिए शुरुआत की है राज्य में लगभग 45 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं जिसके अंतर्गत डेढ़ लाख सरकारी व गैर सरकारी शिक्षक उन्हें पढ़ाते हैं । एक बच्चे पर सरकार का सालाना 25 से ₹30 हजार का खर्च आता है बावजूद इसके अब तक शिक्षा के स्तर में सुधार नहीं हुआ है एवं स्कूलों के रिजल्ट में सुधार नहीं हो पाई है ।