19 को होगी न्यायिक पदाधिकारी की नियुक्ति मामले में सुनवाई, जानिये JPSC ने कोर्ट में क्या कहा
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में न्यायिक पदाधिकारियों की नियुक्ति में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ नहीं दिए जाने के मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से इस बात को लेकर बहस की जा रही है कि खेलकूद प्रमाण पत्र की संबद्धता और मान्यता में क्या अंतर है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। इस मामले में मयंक सिंह ठाकुर ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि जेपीएससी ने न्यायिक पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2018 में विज्ञापन निकाला था। उन्होंने भी आवेदन भरा था, लेकिन उन्हें स्पोर्ट्स कोटा का लाभ नहीं दिया गया। जबकि उन्होंने स्पोर्ट्स से संबंधित सभी प्रमाणपत्र आवेदन के साथ संलग्न किए थे। इस पर जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि प्रार्थी का स्पोर्ट्स कोटे के तहत इसलिए चयन नहीं हुआ कि प्रार्थी का स्पोर्ट्स से संबंधित प्रमाणपत्र विज्ञापन के अनुरूप नहीं थे और वह मान्य नहीं थे।
कोर्ट इस मामले में सभी पक्षों को सुन रही है। इसमें प्रार्थी व सरकार के पक्ष के साथ साथ नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन में तय की गई शर्तों पर भी न्यायालय विचार करेगा। प्रार्थी की ओर से कहा गया है कि वह सभी मापदंड पूरे कर रहा है। लिहाजा उसे खेल कोटे में बहाली का अवसर मिलना चाहिए l