बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में अनुबंध पर नियुक्त लगभग 130 अधिकारी, शिक्षक, कर्मियों की सेवा 1 जनवरी से समाप्त हो जाएगी। ऐसे में अनुबंध समाप्त करने के खिलाफ विश्वविद्यालय अंतर्गत तीन कॉलेज जिसमें हॉर्टिकल्चर कॉलेज खूंटपानी चाईबासा, गढ़वा कृषि महाविद्यालय और तिलकामांझी कृषि महाविद्यालय देवघर के लगभग 30 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

बता दें कि कोर्ट में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने याचिका को खारिज कर दिया था कि वे लोग पहले कुलाधिपति के पास जाएं । अनुबंध पर कार्यरत अधिकारी शिक्षकों व कर्मियों का एक प्रतिनिधि मंडल हाई कोर्ट जाने के पूर्व कुलपति से भी मिला था और कुलपति ने आश्वासन दिया था कि नियमानुसार कार्रवाई होगी।

इसके बावजूद भी कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए थे बता दें कि इस आदेश में विद्यालय में कार्यरत नियंत्रक सहायक, नियंत्रक, उप सहायक नियंत्रक, सहायक निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हो जाएंगे । विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 11 कॉलेजों में अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों सहित लगभग 130 लोगों की सेवा समाप्त हो जाएगी।

साथ ही साथ नियुक्ति पर रोक लगा दी है इसके बाद यह विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश जारी किया है। साथ ही साथ में यह भी निर्णय लिया गया है कि झारखंड लोक सेवा आयोग से नई नियुक्ति होने तक सभी कार्य करते रहेंगे इस दौरान डॉ पी कौशल ने इस्तीफा देने के बाद राज्य सरकार ने बोर्ड में दिए गए फैसले पर आपत्ति भी जताई है।