शिक्षक संघ के सदस्य सुनील कुमार ने बातचीत के क्रम में बताया कि स्कूलों में मध्य विद्यालय के शिक्षकों को प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया है जबकि वरीय पीजीटी के शिक्षक को प्रभारी बनाया जाता है।

बता दें कि राज्य के 510 विद्यालयों में प्राचार्य की नियुक्ति नहीं की गई है इन विद्यालयों में मध्य विद्यालय के शिक्षकों को ही प्राचार्य बना दिया गया है। बता दे कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा वर्ष 2012 में प्राचार्य की नियुक्ति की नियमावली तो बनाई गई थी परंतु नियुक्ति नहीं की गई थी गौरतलब है।

कि राज्य गठन के बाद 451 हाई स्कूल का +2 में अपग्रेडेशन किया गया था एवं नियमावली के अनुसार 33% पदों पर पदोन्नति एवं 67 % पर सीधी नियुक्ति करनी थी। बता दें कि मध्य विद्यालय में 3000 से अधिक पद अब तक खाली हैं जिस पर नियुक्ति नहीं की गई है।