भारत में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को देखते हुए अपनी भूमिगत भंडारों को भरने की तैयारी में है बता दें कि इसके लिए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक से कच्चे तेल की खरीद की जाएगी । भारत में मंगलुरू, पादुर तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आपातकालीन भूमिगत भंडार तैयार किया है।

हालांकि भारत के पास 10 दिनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा मंगलुरू और पादुर में आधे खाली भंडार पड़े हैं जिसे भारत भरने की तैयारी में लगा है। आपातकालीन जैसी स्थिति के लिए सभी देश 3 महीने का भंडार रखते हैं परंतु भारत में ऐसा नहीं है जिसके बाद भारत ने यूएई और सऊदी अरब के साथ मिलकर यह रणनीतिक भंडार बनाने का निर्णय लिया है।