मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूछा कि 30 दिनों में जमीन के म्यूटेशन का काम नहीं होने का कारण पूछा है। उन्होंने यह भी कहा है कि राइट टू सर्विस एक्ट के अंतर्गत आवेदन देने के 30 दिनों बाद म्यूटेशन होना अनिवार्य है बावजूद इसके 30 दिनों में म्यूटेशन नहीं हो रहा है। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है एवं उन्होंने पूछा है कि आवेदन क्यों इतने दिनों तक लंबित रखे जाते हैं और राइट टू सर्विस एक्ट का पालन क्यों नहीं किया जाता है?

बता दे कि सूत्रों के अनुसार जिन विभागों में राइट टू सर्विस एक्ट लागू है उसकी स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों में स्वीकृत पद रिक्तियों की स्थिति की रिपोर्ट मांगी है एवं उन्होंने कहा है कि बजट सत्र के बाद 77000 रिक्त पदो पर बड़े पैमाने पर बहाली निकाली जाएगी।